बाजार की वापसी के बाद भी IT स्टॉक्स ने किया निराश, ब्रोकरेज फर्म ने दिग्गजों का घटाया टारगेट; जानें क्यों बना निगेटिव सेंटीमेंट

शेयर बाजार में तेजी के बावजूद IT स्टॉक्स ने निवेशकों को निराश किया है. AI के बढ़ते प्रभाव और प्रोडक्टिविटी गेन के चलते IT कंपनियों के रेवेन्यू और मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका है. ब्रोकरेज फर्म Elara Capital ने इस चिंता के बीच कई दिग्गज IT कंपनियों के टारगेट प्राइस घटा दिए हैं. निफ्टी IT इंडेक्स में लगातार गिरावट और कमजोर प्रदर्शन ने सेक्टर में निगेटिव सेंटिमेंट को और मजबूत किया है.

शेयर मार्केट Image Credit: Tv9 Network

IT Stocks: ईरान-अमेरिका के बीच अस्थायी सीजफायर की घोषणा के बाद बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. निफ्टी 50 में जहां 3.78 फीसदी की तेजी आई, वहीं सेंसेक्स भी 3.95 फीसदी उछला. इस दौरान सभी इंडाइसेज में तेजी देखने को मिली, लेकिन निफ्टी IT में खास तेजी नहीं दिखी और यह केवल 0.52 फीसदी बढ़ा. IT सेक्टर में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव बना हुआ है. निफ्टी IT पिछले एक साल में 5 फीसदी गिर चुका है, जबकि 6 महीने में 8.93 फीसदी और बीते 3 महीने में 18.40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. AI को लेकर IT सेक्टर में चिंता बनी हुई है. इसी बीच ब्रोकरेज फर्म Elara Capital ने कई दिग्गज IT कंपनियों के टारगेट प्राइस घटा दिए हैं. अब सवाल है कि नया टारगेट क्या है और किन वजहों से यह निगेटिव सेंटिमेंट बना हुआ है.

AI बना सबसे बड़ी चुनौती

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, AI के बढ़ते इस्तेमाल से IT कंपनियों के लिए निकट से मध्यम अवधि में 1-3 फीसदी तक रेवेन्यू में गिरावट का जोखिम बनता दिख रहा है. खासतौर पर वे कंपनियां ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं जिनका एक्सपोजर टाइम एंड मटेरियल ( T&M ) कॉन्ट्रैक्ट्स में अधिक है.

जिन कंपनियों में T&M कॉन्ट्रैक्ट्स का हिस्सा करीब 46-52 फीसदी है, वहां AI ड्रिवन प्रोडक्टिविटी गेन का सीधा असर रेवेन्यू पर पड़ सकता है. अनुमान के मुताबिक, जिन कंपनियों का लगभग 50 फीसदी बिजनेस टी एंड मटेरियल कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है, उनमें पोर्टफोलियो लेवल पर 1-3 फीसदी तक रेवेन्यू कंप्रेशन देखने को मिल सकता है.

मार्जिन में सुधार की उम्मीद कम

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, निकट अवधि में मार्जिन में कोई बड़ा सुधार देखने की संभावना कम है, क्योंकि IT इंडस्ट्री अब एफर्ट बेस्ड मॉडल से नॉन-लीनियर ग्रोथ मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रही है. आने वाले समय में हायरिंग का सीधा संबंध रेवेन्यू ग्रोथ से नहीं रहेगा, क्योंकि कंपनियां अब रेवेन्यू पर एम्प्लॉयी जैसे प्रोडक्टिविटी मैट्रिक्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.

इसके अलावा लास्ट ट्वेल्व मंथ्स (एलटीएम) एट्रिशन पहले ही मल्टी ईयर लो पर पहुंच चुका है और ज्यादातर कंपनियां हाई यूटिलाइजेशन लेवल पर काम कर रही हैं, जिससे मार्जिन बढ़ाने की गुंजाइश सीमित हो गई है. हालांकि सबकॉन्ट्रैक्टिंग कॉस्ट में कमी आ रही है, लेकिन यह सकारात्मक कारण भी निकट अवधि में मार्जिन में कोई बड़ा सुधार लाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा.

इन दिग्गज कंपनियों का घटाया टारगेट

कंपनीपुरानी रेटिंगनई रेटिंगपुराना टारगेट (INR)नया टारगेट (INR)CMP (INR)
TCSAccumulateAccumulate3,6002,7002,559.20
InfosysBuyBuy1,6801,6001,346.20
HCL TechSellSell1,5001,2701,461
WiproSellReduce220205203.42
Tech MahindraAccumulateAccumulate1,8401,6001,451.40

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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