1 महीने में 60% गिरा Allcargo का शेयर, जानें क्या रही वजह
Allcargo Logistics के शेयर पिछले एक महीने में 60 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं. दूसरी तरफ, कंपनी की 100% सब्सिडियरी से जुड़ा 18.33 करोड़ रुपये का कथित फ्रॉड केस का मामला भी है. इसकी FIR की कॉपी कुछ समय पहले पब्लिक में आई है
Allacrgo Ltd Share Fall Multi-Crore Fraud Case: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Allcargo Logistics Ltd. इन दिनों निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है. कंपनी के शेयर पिछले एक महीने में लगभग 60 फीसदी के आस-पास टूट चुके हैं. दूसरी तरफ, कंपनी की 100% सब्सिडियरी से जुड़ा 18.33 करोड़ रुपये का कथित फ्रॉड केस का मामला भी है. जैसे ही यह मामला सामने आया, बाजार में कंपनी की साख को लेकर सवाल बढ़ने लगे. कंपनी को लेकर किए गए FIR की कॉपी कुछ समय पहले ही पब्लिक में आई है.
कंपनी की सब्सिडियरी पर आरोप?
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने Allcargo की सब्सिडियरी ALX Shipping Agencies India Pvt. Ltd. और दुबई की Aladdin Express DMCC के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक न्यास-भंग का मामला दर्ज किया है. शिकायत Rushabh Sealink and Logistics Pvt. Ltd. के डायरेक्टर विशाल पंकज मेहता ने की है. आरोप है कि इन कंपनियों ने मिलकर बड़ी रकम वसूल की और फिर उसे गलत तरीके से डायवर्ट कर दिया, जबकि उन्हें पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स पर बकाया देनदारियों की जानकारी थी.
कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पूरा मामला मुख्य रूप से कंपनी के पूर्व CEO श्री संदीप बख्शी द्वारा बिना अनुमति के और खुद से की गई कार्रवाइयों से उत्पन्न हुआ है, जिन्हें जांच के बाद पद से हटा दिया गया है. इससे पहले भी ALX ने बख्शी और अन्य लोगों के खिलाफ उनकी ऐसी कार्रवाइयों के लिए आर्थिक अपराध शाखा यानी Economic Offences Wing में शिकायत दर्ज की थी, जो कंपनी के मैनेजमेंट या बोर्ड की जानकारी एवं अनुमति के बिना की गई थीं. कंपनी इस पर नजर बनाए रखी है और उसकी जांच कर रही है.
ALX Shipping Agencies का भी आया बयान
इस खबर के बाद Allcargo की सब्सिडियरी कंपनी ALX Shipping Agencies (India) Pvt. Ltd. ने भी साफ किया है कि हालिया मामला उनके पूर्व सीईओ संदीप बख्शी की व्यक्तिगत और बिना अनुमति की गई गतिविधियों से जुड़ा है, जिनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पहले ही पद से हटा दिया गया था. कंपनी ने इससे पहले ही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में संदीप बख्शी और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि उनके द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी न तो मैनेजमेंट को थी और न ही बोर्ड को.
कंपनी ने कहा कि नए घटनाक्रम पर आंतरिक स्तर पर नजर रखी जा रही है और ALX जांच एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है. जांच लंबित होने के कारण कंपनी ने इस पर और कोई टिप्पणी करने से इनकार किया. ALX ने दोहराया कि वह सख्त सिस्टम, प्रक्रियाओं और सभी नियमों के अनुरूप उच्च सेवा मानकों का पालन करती है.
किस-किस पर लगा आरोप?
FIR में कई प्रमुख नाम शामिल हैं, जिनमें-
- संदीप बख्शी, CEO- ALX Shipping Agencies India Pvt. Ltd.
- विकास खान, चेयरमैन- Aladdin Express DMCC, Dubai
- अली खान, CEO- Aladdin Express DMCC
- ALX Shipping Agencies India Pvt. Ltd.
- Aladdin Express DMCC, Dubai
यह भी सामने आया है कि Aladdin Express DMCC में दुनिया के बड़े पोर्ट ऑपरेटर Hutchison Ports का 50 फीसदी हिस्सा है, जिससे यह मामला और जटिल हो गया है.
शेयर क्यों गिरा 60%?
कंपनी के शेयरों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण हाल में हुआ डीमर्जर अपडेट है. इससे इतर, कुछ हफ्ते पहले कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे पेश किए थे जो कि काफी कमजोर साबित हुआ. इन्हीं कॉर्पोरेट्स अपेडट के कारण कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से गिरावट देखने को मिल रही है. पिछले 1 महीने में स्टॉक का भाव 61.19 फीसदी तक टूट चुका है. मौजूदा समय में स्टॉक शुक्रवार, 28 नवंबर के कारोबारी सत्र में 5.98 फीसदी की तेजी के साथ 12.93 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 1,271 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
कंपनी के एक बयान में बताया गया है कि Allcargo Logistics ने अपनी कंपनी की स्ट्रक्चर को आसान और कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन (ISC) बिजनेस को अलग करके एक नई कंपनी Allcargo Global Limited बनाई है. इसके साथ ही, देश के अंदर की डिस्ट्रीब्यूशन और कॉन्ट्रैक्ट लॉजिस्टिक्स को Allcargo Logistics Limited में मिला दिया गया है. इसलिए शेयर में गिरावट का इससे कोई लेनादेना नहीं है.
सब्सिडियरी पर क्या-क्या आरोप हैं?
शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं-
- बकाया छुपाकर पेमेंट लेना: कंपनी को पता था कि उसके ऊपर कई पोर्ट्स के देनदारियां बकाया हैं, फिर भी उसने शिकायतकर्ता से भारी भुगतान लिया.
- फर्जी कंटेनर रिलीज ऑर्डर जारी करना: इन्वेस्टीगेशन के मुताबिक आरोपितों ने गलत डॉक्यूमेंट जारी किए, जिससे शिकायतकर्ता को भारी नुकसान हुआ.
- भरोसा जीतने के लिए कई एग्रीमेंट करना: कई बिजनेस एग्रीमेंट किए गए ताकि शिकायतकर्ता बड़े पैमाने पर एडवांस पेमेंट दे सके.
- बड़ी रकम डायवर्ट करना: प्राप्त किए गए पेमेंट्स को कथित रूप से अनधिकृत उपयोग में लगाया गया, जिससे कुल 18.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
किन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ?
FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है, 316(2): धोखाधड़ी, 316(5): संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से धोखाधड़ी, 318(4): आपराधिक न्यास-भंग, 61(2): समान उद्देश्य से अपराध. ये सभी गंभीर आपराधिक धाराएं हैं और दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजाओं का प्रावधान है.
जांच का दायरा हुआ बड़ा
EOW ने बताया कि केस में भारतीय और विदेशी दोनों कंपनियां शामिल हैं, इसलिए यह जांच क्रॉस-बॉर्डर स्तर तक पहुंच गई है. अभी जिन बिंदुओं पर काम हो रहा है, वे बैंक अकाउंट्स की फॉरेंसिक जांच, इंटरनेशनल मनी फ्लो की पड़ताल, कॉर्पोरेट डॉक्यूमेंट्स की ऑडिट, विदेशी खातों में फंड ट्रांसफर की जांच हैं. अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे मामले में नई जानकारी सामने आ रही है, फ्रॉड की कुल रकम और भी बढ़ सकती है.
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