गाड़ियों के पुर्जे बनाने वाली इन तीन कंपनियों पर रखें नजर, ना के बराबर कर्ज, 52-वीक हाई के पास पहुंचा शेयर

भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील भारतीय ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. इस समझौते के तहत तय कोटे तक ऑटो पार्ट्स के निर्यात पर जीरो टैरिफ लागू होगा, जिससे कंपनियों की लागत घटेगी और मार्जिन सुधरेंगे. अमेरिका भारत के कुल ऑटो पार्ट्स निर्यात का बड़ा बाजार है, इसलिए इस डील से सेक्टर को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

Auto Parts Stocks After USA-Trade Deal Image Credit: AI/Canva

Auto Parts Stocks After USA-Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील भारतीय ऑटो सेक्टर, खासकर ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत के कुछ ऑटो पार्ट्स पर प्रेफरेंशियल टैरिफ-रेट कोटा दिया है. यानी तय कोटे के भीतर आने वाले पार्ट्स पर जीरो ड्यूटी लगेगी, जबकि बाकी पर 18% टैरिफ लागू रहेगा. सरकार के मुताबिक, भारत के कुल ऑटो कंपोनेंट एक्सपोर्ट्स का करीब 50% या उससे ज्यादा हिस्सा ड्यूटी-फ्री कैटेगरी में आ सकता है. चूंकि अमेरिका भारत के ऑटो पार्ट्स निर्यात का लगभग 26-30% हिस्सा है, ऐसे में यह डील इंडस्ट्री के लिए बड़ा बूस्टर साबित हो सकती है. इस डील का फायदा Sona BLW Precision Forgings, Bharat Forge और Balkrishna Industries जैसी कंपनियों को मिल सकता है, जिसका रेवेन्यू अमेरिकी बाजार पर काफी हद तक निर्भर है.

Sona BLW Precision Forgings

Sona BLW Precision Forgings (सोना कॉमस्टार) का अमेरिका में मजबूत कारोबार है. कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब 40-42% हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है. यह कंपनी प्रिसिजन फोर्ज्ड पार्ट्स, डिफरेंशियल असेंबली, गियर्स और EV पावरट्रेन कंपोनेंट्स बनाती है.

टैरिफ में राहत मिलने से कंपनी के लिए भारत से एक्सपोर्ट करना सस्ता हो जाएगा. इससे उसकी लागत घटेगी, मार्जिन बेहतर होंगे और एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ सकता है. गुरुवार को कंपनी के शेयर 534 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे हैं. कंपनी पर ना के बराबर कर्ज है. शेयर अपने 52-वीक हाई के आस पास कारोबार कर रहा है.

Bharat Forge

Bharat Forge का भी नॉर्थ अमेरिका में बड़ा एक्सपोजर है. कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब 22-38% हिस्सा अमेरिका से आता है, जबकि नॉर्थ अमेरिका से कुल कमाई 33-38% तक रहती है.

हालांकि हाल की तिमाही में कमर्शियल व्हीकल एक्सपोर्ट्स में 63% की गिरावट देखी गई, लेकिन यह मांग में कमजोरी के कारण था, टैरिफ की वजह से नहीं. अब जीरो ड्यूटी कोटा मिलने से भारत से निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कंपनी को लंबी अवधि में फायदा हो सकता है. 12 फरवरी को शेयर में मामूली गिरावट आई है. शेयर 1670.90 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है. इस पर भी बहुत कम कर्ज है. ये भी अपने 52 वीक हाई के पास कारोबार कर रहा है.

Balkrishna Industries

Balkrishna Industries (BKT) ऑफ-हाईवे टायर्स बनाने में एक्सपर्ट है. कंपनी एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन, माइनिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए टायर्स बनाती है. अमेरिका/नॉर्थ अमेरिका से इसके रेवेन्यू का लगभग 15-20% हिस्सा आता है.

हाल की तिमाहियों में टैरिफ बढ़ने के कारण कंपनी ने अमेरिका में बिक्री पर रोक लगा दी थी, जिससे वॉल्यूम पर असर पड़ा. BKT का ग्लोबल मार्केट शेयर ऑफ-हाईवे सेगमेंट में करीब 6-8% है और अमेरिका में इसकी मजबूत ब्रांड पहचान है. अब टैरिफ राहत मिलने से कंपनी दोबारा अमेरिकी बाजार में तेजी से वापसी कर सकती है. गुरुवार को शेयर में 1.69% की गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद शेयर 2634.40 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसका 52-वीक हाई 2817.50 रुपये है.

कुल मिलाकर, US-India ट्रेड डील भारतीय ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. जीरो टैरिफ कोटा से लागत कम होगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की पकड़ और मजबूत हो सकती है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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