6000 करोड़ की ऑर्डर बुक, डेट-इक्विटी रेशियो 0.18; एनर्जी-डिफेंस-एयरोस्पेस समेत इन क्षेत्रों में फैला साम्राज्य

अजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड के पास 6,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जो तीन मुख्य क्षेत्रों से आए हैं. कंपनी ने मार्च और अप्रैल 2025 में दो नई फैक्ट्रियां शुरू की हैं. अगले 12-18 महीनों में कंपनी 8 और फैक्ट्रियां खोलने वाली है, जिसमें हैदराबाद के तुनिकी बोल्लारम में एक खास फोर्जिंग प्लांट भी शामिल है. FY26 के लिए कंपनी 450 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है.

6000 करोड़ की ऑर्डर बुक Image Credit: Azad Engineering Ltd

AZAD ENGINEERING LTD: आज हम बात एक ऐसी कंपनी की करेंगे, जो एयरोस्पेस पार्ट्स और टरबाइन बनाती है. इसका नाम अजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड है. इसके शेयरों की कीमत 1,528 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुई, जो पिछले दिन के 1,541.30 रुपये से 0.86 फीसदी कम है. कंपनी का कहना है कि वह अगले साल (FY26) में अपनी कमाई को 25-30 फीसदी बढ़ाने की उम्मीद रखती है. इसके लिए कंपनी ने नई फैक्ट्रियां शुरू की हैं और और भी फैक्ट्रियां खोलने की योजना है. कंपनी के पास 6,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जो अगले 5-6 साल में पूरे होंगे. इससे कंपनी को लंबे समय तक अच्छी कमाई की गारंटी है.

ऑर्डर की डिटेल

कंपनी के पास 6,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जो तीन मुख्य क्षेत्रों से आए हैं. ये इस प्रकार है-

निवेश (CAPEX) की योजना

कंपनी ने मार्च और अप्रैल 2025 में दो नई फैक्ट्रियां शुरू की हैं. अगले 12-18 महीनों में कंपनी 8 और फैक्ट्रियां खोलने वाली है, जिसमें हैदराबाद के तुनिकी बोल्लारम में एक खास फोर्जिंग प्लांट भी शामिल है. FY26 के लिए कंपनी 450 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है. इसमें से 250-300 करोड़ रुपये नई फैक्ट्रियां बनाने में जाएंगे. इन निवेशों से कंपनी को लगभग 550 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, कंपनी को 1,000 करोड़ रुपये तक की नई कमाई हो सकती है. इसके अलावा, FY26 में कंपनी का डेप्रिसिएशन 48 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

मुनाफे की स्थिति

कंपनी ने इस साल के पहले तिमाही (Q1 FY26) में 48.5 करोड़ रुपये का EBITDA कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 46.8 फीसदी ज्यादा है. कंपनी का कहना है कि उसका मुनाफा मार्जिन 33-35 फीसदी रहेगा, जो प्रोडक्ट और सेगमेंट पर निर्भर करेगा.

कंपनी के बारे में

अजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड स्पेशल और जटिल पार्ट्स बनाती है. यब पार्ट्स एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं. कंपनी पिछले 15 साल से काम कर रही है और 12 देशों में अपने प्रोडक्ट्स भेजती है. FY25 में कंपनी की 92 फीसदी कमाई निर्यात से हुई थी. कंपनी के पास 20,000 वर्ग मीटर का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग एरिया है और 94,899 वर्ग मीटर का नया एरिया बन रहा है. कंपनी 45 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस चलाती है और 1,700 से ज्यादा पार्ट्स बनाती है. कंपनी के बड़े क्लाइंट्स में हनीवेल, रोल्स रॉयस, सीमेंस एनर्जी, और मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज जैसे नाम शामिल हैं, जिनके साथ कंपनी 10 साल से ज्यादा समय से काम कर रही है.

वित्तीय स्थिति

पहली तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी की कमाई 137.09 करोड़ रुपये थी, जो पिछले साल की तुलना में 39.30 फीसदी ज्यादा है. पिछली तिमाही (Q4 FY25) की तुलना में यह 8 फीसदी ज्यादा है. कंपनी का नेट प्रॉफिट 29.43 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 71.90 फीसदी और पिछली तिमाही से 18.62 फीसदी ज्यादा है. कंपनी का P/E रेशियो 98x है, जो इंडस्ट्री के औसत 46.3x से ज्यादा है. इसका ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) 8.58 फीसदी और ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) 12.2 फीसदी है. कंपनी का डेट टू इक्विटी रेशियो 0.18 है, यानी कंपनी पर ज्यादा कर्ज नहीं है.

डेटा सोर्स: BSE, Groww, Trade brains

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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