Closing Bell: देर से आई खरीदारी ने बाजार को उठाया, सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद; जानें- मार्केट में क्यों आई तेजी

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क, सेंसेक्स और निफ्टी50, शुक्रवार 6 फरवरी को ITC, कोटक महिंद्रा बैंक और ICICI बैंक जैसे कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी के चलते अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए. मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच चुनिंदा हेवीवेट शेयरों में शॉर्ट कवरिंग से मार्केट बेंचमार्क बढ़े.

शेयर बाजार में तेजी. Image Credit: Tv9

Closing Bell: शुक्रवार को सुबह के कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ खुले, क्योंकि निवेशक RBI की MPC पॉलिसी के नतीजों से पहले सतर्क थे. इसके बाद दिन के कारोबार में बाजार ने हरे निशान में वापसी की. 6 फरवरी को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए, निफ्टी 25700 के करीब रहा.

सेंसेक्स 266 अंक या 0.32 फीसदी बढ़कर 83,580.40 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 51 अंक या 0.20 फीसदी बढ़कर 25,693.70 पर बंद हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर ITC, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, HUL प्रमुख गेनर रहे, जबकि लूजर में टेक महिंद्रा, TCS, HDFC लाइफ, अडानी पोर्ट्स और विप्रो शामिल थे.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टोरल फ्रंट पर, IT इंडेक्स में 1.5 फीसदी की गिरावट आई, फार्मा इंडेक्स 0.7 फीसदी नीचे रहा, ऑटो इंडेक्स में 0.52 फीसदी की गिरावट आई, जबकि FMCG इंडेक्स में 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और प्राइवेट बैंक, रियल्टी में 0.6 फीसदी की बढ़त हुई.

बाजार में क्यों आई तेजी?

RBI पॉलिसी का नतीजा: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा उम्मीदों के मुताबिक पॉलिसी रेट को अपरिवर्तित रखने के बाद बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ. सेंट्रल बैंक ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए अपनी छठी और आखिरी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बनाए रखने का फैसला किया और न्यूट्रल रुख बनाए रखा.

यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश करने के बाद पहली मौद्रिक नीति समीक्षा थी. दरों में यथास्थिति से इक्विटी बाजारों को राहत मिली क्योंकि इसने पॉलिसी में स्थिरता और निरंतरता का संकेत दिया, जिससे उधार लेने की लागत पर दबाव डाले बिना विकास की उम्मीदों को समर्थन मिला.

निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग: बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग देखी गई. हालिया करेक्शन के बाद चुनिंदा FMCG, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी की दिलचस्पी देखी गई.

घटती अस्थिरता: इंडिया VIX, जो बाजार की अस्थिरता को मापता है और जिसे अक्सर डर का पैमाना कहा जाता है, 1.62 फीसदी गिरकर 11.97 पर आ गया. कम अस्थिरता सूचकांक आम तौर पर निकट भविष्य में अनिश्चितता में कमी का संकेत देता है और निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता में सुधार करता है, जिससे बाजार में स्थिरता आती है.

रुपये में मजबूती: शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ. RBI की पॉलिसी घोषणा से पहले पॉजिटिव निवेशक सेंटीमेंट के बीच स्थानीय मुद्रा 11 पैसे बढ़कर 90.23 पर पहुंच गई. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में, रुपया 90.28 पर खुला और 90.23 तक पहुंच गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 90.34 था. गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर 90.34 पर बंद हुआ था.

मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच चुनिंदा हेवीवेट शेयरों में शॉर्ट कवरिंग से मार्केट बेंचमार्क बढ़े. हालांकि, ग्रोथ पर फोकस वाले यूनियन बजट और यूरोपियन यूनियन और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील ने देश के मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक को और बेहतर बनाया है. हालांकि मिले-जुले तिमाही नतीजों और विदेशी पूंजी के बाहर जाने से सेंटीमेंट सतर्क बना हुआ है.

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