Closing Bell: सेंसेक्स 1695 अंक और निफ्टी 23600 के ऊपर बंद, एक दिन में निवेशकों ने कमाए ₹10 लाख करोड़
Closing Bell: शुक्रवार, 12 जून को दलाल स्ट्रीट पर एकतरफा तेजी रही. निवेशकों ने अगले हफ्ते तक US-ईरान डील की संभावना और ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट का स्वागत किया. IT शेयरों को छोड़कर - जो AI की वजह से आ रहे बदलावों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं - बाकी सभी सेक्टरों ने शेयर बाजार की इस तेजी में हिस्सा लिया.
Closing Bell: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में 2 फीसदी की बंपर तेजी दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों, तेल की गिरती कीमतों और अन्य फैक्टर्स ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया.
12 जून को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क मजबूती के साथ बंद हुए. सभी सेक्टर में हुई जोरदार खरीदारी के बीच निफ्टी 23,600 के स्तर के पार बंद हुआ.
सेंसेक्स 1,695.40 अंक या 2.30 फीसदी बढ़कर 75,527.95 पर और निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 फीसदी बढ़कर 23,622.90 पर बंद हुआ. लगभग 3110 शेयरों में बढ़त हुई, 969 शेयरों में गिरावट आई और 149 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी में शामिल शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, L&T, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस और HDFC बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे. दूसरी ओर, नेस्ले इंडिया, ONGC, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और SBI लाइफ इंश्योरेंस में गिरावट रही.

सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, टेलीकॉम, बैंकिंग, ऑटो, मीडिया, ऑयल एंड गैस और मेटल इंडेक्स में 1-2 फीसदी की बढ़त हुई.
BSE पर लिस्टेड शेयरों का मार्केट कैप
आज की तेजी से BSE पर लिस्टेड सभी शेयरों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 452.33 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 462.05 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिससे इसमें 9.71 लाख करोड़ रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई.
मजबूत हुआ रुपया
शुक्रवार को भारतीय रुपया 95.75 के पिछले बंद भाव के मुकाबले 64 पैसे की बढ़त के साथ 95.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
शेयर बाजार में क्यों आई बंपर तेजी?
भू-राजनीतिक तनाव कम होना: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ ने बताया है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच प्रस्तावित समझौते में प्रतिबंध हटाना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी खत्म करना और ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सैन्य बलों को वापस बुलाना शामिल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का समझौता लगभग पूरा हो चुका है और इस पर यूरोप में वीकेंड पर साइन हो सकते हैं. यह घोषणा तब की गई जब उन्होंने ईरान के तेल उद्योग पर कब्जा करने की धमकी देने के कुछ ही घंटों बाद ईरान पर मिलिट्री हमले रद्द कर दिए.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 5% गिरकर 86.4 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो पिछले दो महीनों में इसके सबसे निचले स्तर के करीब है. कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए अच्छी हैं क्योंकि देश अपनी तेल की ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है.
कीमतों में गिरावट से आयात बिल कम करने, ट्रेड डेफिसिट और रुपये पर दबाव घटाने और ट्रांसपोर्ट, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में इनपुट लागत कम करने में मदद मिलती है. इससे महंगाई के दबाव को काबू में रखने में भी मदद मिल सकती है.
ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत: एशियाई बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% से अधिक और जापान का निक्केई 225 3% से ज्यादा ऊपर था. चीन का शंघाई SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए.
रुपये में बढ़त: US और ईरान के बीच जल्द ही किसी समझौते के संकेत मिलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे रुपया US डॉलर के मुकाबले 65 पैसे मजबूत होकर 95.20 पर पहुंच गया.
फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, डॉलर के कमजोर होने और घरेलू शेयर बाजार में पॉजिटिव माहौल ने भी स्थानीय करेंसी को सहारा दिया. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.40 पर खुला और डॉलर के मुकाबले और मजबूत होकर 95.20 पर आ गया.
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