Closing Bell: 4 दिन की तेजी थमी, निफ्टी 24400 के नीचे और सेंसेक्स 104 अंक गिरकर बंद; निवेशकों के ₹2 लाख करोड़ डूबे
Closing Bell: मंगलवार, 7 जुलाई को शेयर बाजार के बेंचमार्क - सेंसेक्स और निफ्टी 50 - की लगातार चार दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया. इसकी वजह थी प्रॉफिट बुकिंग, साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच नए तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ.
Closing Bell: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला और सकारात्मक रुख बनाए रखा, क्योंकि तेल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर के आस-पास बनी रहीं और विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों की शुद्ध खरीदारी जारी रखी. हालांकि, दिन के कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ही इंडेक्स लाल निशान में चले गए.
उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स दिन के दौरान हुई बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और 7 जुलाई को निफ्टी 24,400 के नीचे बंद हुआ.
सेंसेक्स 104 अंक या 0.13 फीसदी गिरकर 78,180.72 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 32 अंक या 0.13 फीसदी गिरकर 24,398.70 पर बंद हुआ.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, HCL टेक्नोलॉजीज, टाइटन कंपनी और SBI लाइफ इंश्योरेंस शामिल थे, जबकि गिरने वाले शेयरों में ट्रेंट, अडानी एंटरप्राइजेज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी पोर्ट्स और सिप्ला शामिल थे.
सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टर इंडेक्स ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी IT सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा (2.4 प्रतिशत की बढ़त), इसके बाद निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स रहा जिसमें 0.8 फीसदी की बढ़त हुई. गिरावट की बात करें तो निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (1.49 प्रतिशत की गिरावट).
निफ्टी मेटल में 0.93 फीसदी की गिरावट आई, जबकि निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया में क्रमशः 0.67 फीसदी और 0.63 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी एनर्जी में 0.49 फीसदी की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में 0.40 प्रतिशत की गिरावट रही.
2 लाख करोड़ डूबे
मंगलवार को BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 482.3 लाख करोड़ रुपये से घटकर 480 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया, जिससे निवेशकों को एक ही सेशन में 2 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ.
बाजार में गिरावट की क्या वजह थी?
मुनाफा वसूली के कारण घरेलू बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ. अमेरिका और ईरान के बीच नए तनाव से तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम हो गया.
एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार रात ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर दो मिसाइलें दागीं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वाशिंगटन ईरानी ठिकानों पर हमले करके इसका जवाब दे सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा कि वाशिंगटन या तो तेहरान के साथ कोई समझौता करेगा या फिर काम पूरा कर देगा.
होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमले की खबरों के बाद, क्रूड ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से ज्यादा बढ़कर भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे के आसपास 73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब कारोबार कर रहा था.
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