TCS के नतीजे से पहले चमके IT स्टॉक्स, इंफोसिस लेकर HCL तक में तेजी; कैसी रहेगी कमाई?
IT Stocks Today: निवेशक डिमांड ट्रेंड्स पर मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार कर रहे हैं. गुरुवार को आने वाले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही के नतीजों से पहले, निफ्टी IT इंडेक्स में 3 फीसदी तक की बढ़त देखी गई.
IT Stocks Today: जून तिमाही के नतीजों के सीजन से पहले IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई और मंगलवार को इनमें 4 फीसदी तक की बढ़त हुई. निवेशक डिमांड ट्रेंड्स पर मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार कर रहे हैं. गुरुवार को आने वाले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही के नतीजों से पहले, निफ्टी IT इंडेक्स में 3 फीसदी तक की बढ़त देखी गई.
पिछले दो महीनों में 10.5 फीसदी की गिरावट के बाद जुलाई में इसमें 6 फीसदी से अधिक की रिकवरी हुई है.
कमाई में गिरावट का अनुमान
इस सेक्टर की कमाई कम रहने की उम्मीद है, जिस पर AI की वजह से कीमतों पर दबाव, क्लाइंट्स की तरफ से कम खर्च और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता का असर पड़ सकता है.
स्टॉक्स में LTM सबसे अधिक बढ़त (3.7%) के साथ टॉप गेनर रहा. Infosys और HCL Technologies में क्रमशः 3.5% और 3% की बढ़त हुई. टीसीएस, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, टेक महिंद्रा और कोफोर्ज में 1% से 2% के बीच बढ़त देखी गई.
भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों का हाल
| कंपनी | मार्केट कैप | शेयर प्राइस |
| टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) | ₹7,44,422 करोड़ | ₹2,096.40 (+1.89%) |
| इंफोसिस | ₹4,22,962 करोड़ | ₹1,077.20 (+3.36%) |
| एचसीएल टेक्नोलॉजीज | ₹3,07,743 करोड़ | ₹1,167.90 (+2.97%) |
| विप्रो | ₹1,72,619 करोड़ | ₹174.13 (-0.11%) |
| टेक महिंद्रा | ₹1,37,786 करोड़ | ₹1,442.30 (+2.55%) |
| एलटीएम (LTM) | ₹1,10,588 करोड़ | ₹3,858.60 (+3.52%) |
| ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर | ₹96,381 करोड़ | ₹11,070.00 (-0.01%) |
| पर्सिस्टेंट सिस्टम्स | ₹74,400 करोड़ | ₹4,863.00 (+3.12%) |
क्या भारतीय कंपनियों के मिल सकता है AI का फायदा?
इस बीच, मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारतीय IT सर्विस कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते चलन से अप्रत्याशित रूप से फायदा उठा सकती हैं. मॉर्गन स्टेनली ने AI की वजह से आने वाले बदलावों को लेकर निवेशकों की लगातार चिंताओं के बावजूद, इस सेक्टर को एक संभावित ‘डार्क हॉर्स’ बताया है.
पॉजिटिव आउटलुक
ब्रोकरेज की राय इस सेक्टर के प्रति एक सकारात्मक नजरिया दिखाती है. पिछले एक साल में भारतीय बाजार में यह सेक्टर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में से एक रहा है, क्योंकि ऐसी चिंताएं थीं कि जेनरेटिव AI कोडिंग को ऑटोमेट कर सकता है, टेक्नोलॉजी पर होने वाले गैर-जरूरी खर्च को कम कर सकता है और पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल को कमजोर कर सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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