कोचीन शिपयार्ड को मिला मेगा ऑर्डर, 6 शिप बनाएगी कंपनी; गुरुवार को फोकस में रहेंगे शेयर
यह डील किसी भारतीय शिपयार्ड को दिया गया 'मेड इन इंडिया' कंटेनर शिप का पहला ऑर्डर है. ये जहाज केरल में CSL की मौजूदा फैसिलिटी में बनाए जाएंगे, जिसमें साउथ कोरिया के दिए गए डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा. शिपबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट के बाद गुरुवार को इसके शेयर फोकस में रहेंगे.
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने बुधवार को फ्रेंच शिपिंग और लॉजिस्टिक्स की बड़ी कंपनी CMA CGM के साथ 360 मिलियन डॉलर का शिपबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट साइन किया. इसके तहत छह LNG से चलने वाले कंटेनर शिप बनाए जाएंगे, जिनमें से हर एक की कैपेसिटी 1,700 TEU होगी. यह डील किसी भारतीय शिपयार्ड को दिया गया ‘मेड इन इंडिया’ कंटेनर शिप का पहला ऑर्डर है. ये जहाज केरल में CSL की मौजूदा फैसिलिटी में बनाए जाएंगे, जिसमें साउथ कोरिया के दिए गए डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा.
कब डिलीवर होगा पहला जहाज?
कोचीन शिपयार्ड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जोस वी.जे. ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला जहाज 36 महीनों में डिलीवर किया जाएगा और उसके बाद के जहाज छह-छह महीने के गैप पर आएंगे, यानी हर साल दो जहाज.
CMA CGM के चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव, रोडोल्फ साडे ने कहा, ‘यह किसी इंडियन शिपयार्ड को दिया गया कंटेनर शिप ऑर्डर का पहला सेट है. जब CSL अभी बनने वाले 1,700 TEU कंटेनर शिप से बड़े शिप बनाने की स्थिति में आ जाएगा, तो हम इंडिया में और शिपबिल्डिंग पर विचार करेंगे.’
मौके तलाश रही है कंपनी
साडे ने कहा कि शिपबिल्डिंग के अलावा, कंपनी पूरे भारत में मौके तलाश रही है, जिसमें नए पोर्ट टर्मिनल बनाना, लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन बढ़ाना और बड़े जहाज बनाना शामिल है. साडे ने आगे बताया कि चीन और कोरिया के बाद तीसरे देश के लिए मैरीटाइम सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की गुंजाइश है और भारत उस जगह को लेने के लिए सबसे सही है.’
साडे ने कहा, ‘यह भारत को एक बड़े मैरीटाइम देश के तौर पर स्थापित करने के प्रधानमंत्री मोदी के मैरीटाइम विजन 2047 के साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ है. जैसे-जैसे इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) जैसे कॉरिडोर डेवलप हो रहे हैं, जो भारत को मिडिल ईस्ट और यूरोप से जोड़ रहे हैं, CMA CGM ग्लोबल ट्रेड के इस नए दौर में योगदान देने के लिए तैयार है.’
CMA CGM भारत में ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट के लिए भी कमिटेड है. CMA SHIPS के जरिए, ग्रुप ने 1,000 भारतीय नाविकों को भर्ती किया है और 2026 के आखिर तक 1,500 नाविकों को शामिल करने का प्लान है, जिससे ग्लोबल मैरीटाइम वर्कफोर्स में इसकी भूमिका और मजबूत होगी.
स्ट्रेटेजिक माइलस्टोन
इस स्ट्रेटेजिक माइलस्टोन को आगे बढ़ाते हुए, CMA CGM कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, सस्टेनेबल शिप रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने और घरेलू कंटेनर शिपिंग डेवलपमेंट को सपोर्ट करने के लिए भारत में मुख्य स्टेकहोल्डर्स के साथ पार्टनरशिप की एक्टिवली तलाश कर रहा है.
शेयरों में दिख सकती है हलचल
बुधवार को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयर 0.24 फीसदी की तेजी के साथ 1,529.30 रुपये पर बंद हुए. शिपबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट के बाद गुरुवार को इसके शेयर फोकस में रहेंगे.
