कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार, HPCL-BPCL जैसे दिग्गज स्टॉक्स पर UBS का बड़ा अलर्ट! क्या टूटेंगे शेयर?
UBS के मुताबिक, कच्चे तेल और रिफाइनिंग मार्जिन में हाल की तेजी 2022 के तेल बाजार में आई उथल-पुथल जैसी स्थिति की याद दिला रही है. उस समय भी कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था, जिसका असर तेल कंपनियों के मार्जिन पर पड़ा था.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS ने भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों की रेटिंग घटा दी है. कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद ब्रोकरेज ने Indian Oil Corporation (IOC) और Bharat Petroleum Corporation (BPCL) की रेटिंग घटाकर न्यूट्रल कर दी है, जबकि Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) पर सेल की सलाह दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है.
| कंपनी | शेयर कीमत (रुपये) | नई रेटिंग | पुरानी रेटिंग | नया टारगेट प्राइस (रुपये) | पुराना टारगेट प्राइस (रुपये) |
|---|---|---|---|---|---|
| Indian Oil Corporation | 169 | Neutral | Buy | 175 | 190 |
| Bharat Petroleum Corporation | 353 | Neutral | Buy | 365 | 425 |
| Hindustan Petroleum Corporation | 405 | Sell | Buy | 340 | 540 |
2022 जैसी स्थिति बनने का खतरा
UBS के मुताबिक, कच्चे तेल और रिफाइनिंग मार्जिन में हाल की तेजी 2022 के तेल बाजार में आई उथल-पुथल जैसी स्थिति की याद दिला रही है. उस समय भी कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था, जिसका असर तेल कंपनियों के मार्जिन पर पड़ा था.
बढ़ती कच्चे तेल की कीमत से दबाव
ब्रोकरेज का मानना है कि भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों के इंटीग्रेटेड मार्जिन यानी रिफाइनिंग और मार्केटिंग दोनों पर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का नेगेटिव असर पड़ता है. क्योंकि कंपनियों के पास रिटेल फ्यूल की कीमतें या टैक्स तुरंत बढ़ाने की ज्यादा गुंजाइश नहीं होती. इसके अलावा रुपये की कमजोरी भी दबाव बढ़ा रही है. फिलहाल डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 92 के स्तर पर है, जबकि 2022 में यह करीब 79 था.
मार्केटिंग मार्जिन में बड़ी कटौती
UBS ने FY27 और FY28 के लिए भारतीय तेल कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन के अनुमान में बड़ी कटौती की है.
- FY27 के लिए 43 से 45 प्रतिशत तक कटौती
- FY28 के लिए 22 से 26 प्रतिशत तक कटौती
- हालांकि ब्रोकरेज ने रिफाइनिंग मार्जिन के अनुमान को बढ़ाया है.
- FY27 के लिए 30 से 48 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
- FY28 के लिए 21 से 39 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
शेयर बाजार में दबाव
इस खबर के बाद शेयर बाजार में तेल कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. BSE Oil and Gas Index 9 मार्च के इंट्राडे कारोबार में करीब 3 प्रतिशत तक गिर गया. वहीं Hindustan Petroleum Corporation, Bharat Petroleum Corporation और Indian Oil Corporation के शेयरों में 8 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई. दूसरी ओर S&P BSE Sensex भी करीब 2.8 प्रतिशत तक कमजोर रहा.
ब्रेंट क्रूड में जोरदार उछाल
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमत 40 महीने में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई. अप्रैल 2026 के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में इसकी कीमत करीब 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. पिछले एक महीने में ही ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 68 डॉलर से बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, यानी लगभग 71 प्रतिशत की तेजी. UBS की ग्लोबल ऑयल टीम ने भी निकट अवधि के लिए तेल कीमत के अनुमान बढ़ा दिए हैं. ब्रोकरेज ने 2026 के लिए औसत कीमत का अनुमान करीब 72 डॉलर प्रति बैरल रखा है.
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