उबलते क्रूड से कोहराम! सेंसेक्स 1352 अंक फिसला, IT इंडेक्स छोड़ सभी टूटे, निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ डूबे

कारोबार में IT इंडेक्स छोड़कर सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला. ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंक सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही. इन सेक्टरों के इंडेक्स में करीब 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.

शेयर बाजार में गिरावट Image Credit: TV9 Bharatvarsh

क्रूड के बढ़ते भाव से आज, सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. बिकवाली ऐसी कि कोई सेक्टर अछूता नहीं रहा. सेंसेक्स 1352 अंक गिरकर 77566 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 422 अंक टूटकर 24028 के स्तर पर क्लोज हुआ. सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी छोड़कर सभी लाल निशान में बंद हुए. इस दौरान बीएसई पर कुल 941 शेयरों में बढ़त, 3,224 शेयरों में गिरावट, जबकि 166 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए. इस दौरान निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

IT इंडेक्स छोड़ सभी बुरी तरह टूटे

आज के कारोबार में IT इंडेक्स छोड़कर सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला. ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंक सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही. इन सेक्टरों के इंडेक्स में करीब 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा, निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 2-2 प्रतिशत तक फिसल गए.

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निफ्टी के टॉप लूजर्स

निफ्टी इंडेक्स में आज कई दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली. भारी गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल्स), आयशर मोटर्स, बजाज ऑटो, अल्ट्राटेक सीमेंट और मारुति सुजुकी शामिल रहे. इन कंपनियों के शेयरों में दिनभर दबाव बना रहा और ये निफ्टी के टॉप लूजर्स की लिस्ट में रहे.

निफ्टी के टॉप गेनर्स

कमजोर बाजार के बावजूद कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. विप्रो, सन फार्मा, अपोलो हॉस्पिटल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे. इन शेयरों ने गिरते बाजार में कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की, हालांकि कुल मिलाकर बाजार का रुख पूरे दिन कमजोर ही बना रहा.

सेंसेक्स के शेयरों का हाल

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क्या है एक्सपर्ट की राय?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष दूसरे सप्ताह में पहुंच गया है और तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इसी वजह से बाजार में बिकवाली का दबाव और तेज हो गया. कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है, जिससे आरबीआई की मौद्रिक नीति के लिए स्थिति जटिल हो सकती है और आर्थिक विकास पर भी जोखिम बढ़ सकता है. अमेरिका में कुछ खास फंड्स में रिडेम्प्शन पर संभावित सीमा लगाए जाने की आशंका ने भी वैश्विक बाजारों में नेगेटिव माहौल बनाया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा. हालांकि उनके मुताबिक मौजूदा गिरावट का दौर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर भी पैदा कर सकता है. बाजार में कमजोरी के बावजूद फार्मा और आईटी सेक्टर में चुनिंदा वैल्यू बाइंग देखने को मिली, जिससे बड़ी गिरावट पर कुछ हद तक लगाम लगी. कमजोर होते रुपये के बीच निवेशकों का रुख फिलहाल रक्षात्मक सेक्टरों की ओर झुकता नजर आ रहा है.

कैसा रहा था शुक्रवार का बाजार?

शेयर बाजार में बीते कारोबारी दिन, 6 मार्च को गिरावट रही थी. सेंसेक्स 1097 अंक गिरकर 78,919 पर बंद हुआ था. निफ्टी भी 315 अंक टूटकर 24,450 पर आ गया था. कारोबार के दौरान बैंक, रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली थी.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.