52 वीक हाई से 45% नीचे ट्रेड कर रहा ये डिफेंस स्‍टॉक, पर मजबूत ऑर्डर बुक और विस्‍तार प्‍लान से फोकस में शेयर, रखें नजर

Apollo Micro Systems Limited का शेयर अपने 52 वीक हाई ₹354.70 से करीब 45% नीचे ट्रेड कर रहा है, हालांकि लॉन्ग टर्म में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. मजबूत ऑर्डर बुक, हालिया अधिग्रहण और ग्रीनफील्ड विस्तार योजना के चलते कंपनी आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ की तैयारी में है. Q3 FY26 में कंपनी का वित्‍तीय प्रदर्शन भी बेहतर रहा है.

defence stock Apollo Micro Systems Image Credit: canva/AI image

Defence Stock: डिफेंस सेक्‍टर में तेजी से उभरती इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम बनाने वाली कंपनी Apollo Micro Systems Limited आजकल सुर्खियों में है. इसके शेयर भले ही अभी डाउन हो, लेकिन लॉन्‍ग टर्म में इसने 1600 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दिया है. इसकी मजबूत ऑर्डर बुक, हालिया अधिग्रहण और मैनेजमेंट के ग्रोथ प्लान के चलते कंपनी आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार की तैयारी में है. ऐसे में निवेशकों की नजर इस मिसाइल बनाने वाली कंपनी पर टिक गई है.

शेयर का हाल

करीब 7,174 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी का शेयर सोमवार को लगभग 3% गिरकर 194_87 रुपये पर बंद हुआ, जबकि पिछले दिन यह 200.67 रुपये पर बंद हुआ था. पिछले एक महीने में लगभग 15% की गिरावट भी देखने को मिली है. हालांकि गिरावट के बावजूद इस स्टॉक ने पिछले एक साल में 71% से ज्यादा रिटर्न दिया है. जबकि 3 साल में इसने 573 फीसदी और 5 साल में 1682 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि शेयर अभी अपने 52 वीक हाई 354.70 रुपये से करीब 45% नीचे ट्रेड कर रहा है.

कंपनी का कारोबार

1985 में स्थापित और हैदराबाद मुख्यालय वाली Apollo Micro Systems रक्षा क्षेत्र के लिए हाई-परफॉर्मेंस और मिशन-क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस तैयार करती है. कंपनी का फोकस मुख्य रूप से ग्राउंड डिफेंस, मिसाइल डिफेंस और नेवल डिफेंस सिस्टम पर है. कंपनी की खास बात यह है कि भारत के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रमों में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) के साथ इसकी महत्वपूर्ण भागीदारी है.

कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल प्रमुख सिस्टम

  • अंडरवॉटर माइंस
  • अंडरवॉटर मूरड माइंस
  • एंटी-सबमरीन वारफेयर रॉकेट
  • मीडियम रेंज एरियल रॉकेट
  • लिम्पेट माइंस
  • एरियल बम
  • इन सभी सिस्टम को कंपनी ने इन-हाउस विकसित और निर्मित किया है.

बड़ी खरीद से मजबूती

Q3 FY26 के दौरान कंपनी की सहायक इकाई Apollo Defence Industries Pvt Ltd ने IDL एक्‍सप्‍लोसिव्‍स लिमिटेड में 100% हिस्सेदारी करीब 107 करोड़ रुपये में खरीद ली है. यह कंपनी खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए पैकेज्ड एक्सप्लोसिव्स, बल्क एक्सप्लोसिव्स और कार्ट्रिज एक्सप्लोसिव्स का निर्माण करती है. इस अधिग्रहण से Apollo Micro Systems को Tier-1 डिफेंस OEM बनने की दिशा में बड़ी ताकत मिलने की उम्मीद है.

ग्रीनफील्‍ड योजना में विस्‍तार

कंपनी भविष्य की मांग को देखते हुए बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना भी बना रही है. Apollo Micro Systems एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसके जरिए वह अपनी उत्पादन क्षमता को मौजूदा स्तर से लगभग 12 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है. इसके लिए कंपनी करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है और लगभग 2,47,441 वर्गफुट जमीन का अधिग्रहण भी कर चुकी है. यह जमीन हैदराबाद के TSIIC Hardware Park Phase-2 में कंपनी की यूनिट-3 के पास स्थित है, जिससे लॉजिस्टिक्स और संचालन दोनों में फायदा मिलने की उम्मीद है.

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वित्‍तीय स्थिति

मैनेजमेंट के अनुसार कंपनी आने वाले तीन वर्षों में अपने राजस्व को लगभग 45 से 50 प्रतिशत की वार्षिक दर (CAGR) से बढ़ाने का लक्ष्य रखती है. Q3 FY26 में कंपनी ने मजबूत नतीजे पेश किए हैं. इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 252 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही आधार पर 12 प्रतिशत और सालाना आधार पर करीब 70 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है. कंपनी का शुद्ध लाभ 23 करोड़ रुपये रहा, जिसमें तिमाही आधार पर लगभग 23 प्रतिशत और सालाना आधार पर करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि कंपनी का PAT मार्जिन घटकर 9.1 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 12.3 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 13.3 प्रतिशत था. वहीं EBITDA 50.4 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत कम लेकिन सालाना आधार पर 33 प्रतिशत ज्यादा है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.