RIL के लिए काम करेगी ₹163 करोड़ M Cap वाली ये कंपनी, मिला बड़ा आर्डर; 5 साल में 1089% चढ़े शेयर

रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े क्लाइंट से मिला यह ऑर्डर Expo Engineering के लिए सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि भरोसे और भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स का रास्ता भी खोल सकता है. छोटे आकार की कंपनियों के लिए इस तरह के ऑर्डर उनकी मार्केट विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

बंपर रिटर्न Image Credit: Getty image

Expo Engineering Stock: मुंबई की स्मॉल-कैप इंजीनियरिंग कंपनी अचानक तब बाजार के फोकस में आ गई, जब 21 अप्रैल को इसके शेयर में 3.31 फीसदी की तेजी आई. दरअसल, यह तेजी देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड से नया ऑर्डर मिलने के कारण आई है. ऐसे में यह नया ऑर्डर न केवल कंपनी के लिए रेवेन्यू बढ़ाने वाला है, बल्कि बड़े क्लाइंट के साथ काम करने की साख भी मजबूत करेगा. कंपनी भारी इंजीनियरिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर में काम करती है.

कितने करोड़ का मिला ऑर्डर?

Expo Engineering and Projects Limited ने 21 अप्रैल 2026 को जानकारी दी कि उसे 20 अप्रैल को रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर साइट से वर्क ऑर्डर मिला है. इस ऑर्डर के तहत कंपनी को जामनगर स्थित ग्लास फैक्ट्री के लिए 24 हॉपर्स की सप्लाई करनी है. इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू 3,74,16,384 (लगभग Rs. 3.74 करोड़) है, जिसे 27 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा.

कंपनी के शेयर में दिखी तेजी

इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में 3.31 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. 163 करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली इस कंपनी का शेयर मंगलवार को 71.4 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले क्लोजिंग 69.09 रुपये से ऊपर है. अगर कंपनी के फंडामेंटल्स की बात करें, तो

पैरामीटरवैल्यू
मार्केट कैप₹ 163 करोड़
करेंट प्राइस ₹ 71.4
हाई / लो₹ 111 / 46.4
स्टॉक P/E41.0
बुक वैल्यू₹ 17.2
डिविडेंड यील्ड0.00 %
ROCE12.8 %
ROE12.0 %
फेस वैल्यू₹ 4.00
सोर्स- SCREENER

5 साल में दिया 1089.33 फीसदी का रिटर्न

अगर कंपनी के शेयर के रिटर्न की बात करें, तो कंपनी के शेयर ने एक महीने में 37 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. एक साल में 42 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है, वहीं पांच साल में कंपनी के शेयर ने 1089.33 फीसदी का रिटर्न दिया है.

क्या है इस ऑर्डर की खासियत ?

यह ऑर्डर जामनगर के विशाल पेट्रोकेमिकल और मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स के ग्लास सेक्शन के लिए है. हॉपर्स ऐसे उपकरण होते हैं जो ग्लास निर्माण में कच्चे माल को भट्टी तक पहुंचाने का काम करते हैं. इनके निर्माण के लिए हाई-प्रिसिजन फैब्रिकेशन और सर्टिफाइड इंजीनियरिंग क्षमता की जरूरत होती है. कंपनी ने इसे घरेलू और आर्म्स-लेंथ ट्रांजैक्शन बताया है, जिसमें कोई रिलेटेड पार्टी शामिल नहीं है.

3.74 करोड़ का यह ऑर्डर कंपनी के सामान्य तिमाही राजस्व का लगभग 20 से 25 प्रतिशत है, जो इसे एक महत्वपूर्ण ऑर्डर बनाता है. अप्रैल से दिसंबर 2025 के नौ महीनों में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 5.26 करोड़ और रेवेन्यू 50.95 करोड़ रुपये रहा.

कंपनी के बारे में

1982 में स्थापित Expo Engineering and Projects Limited (पहले Expo Gas Containers Limited) प्रोसेस प्लांट इक्विपमेंट बनाती है. कंपनी हाई-प्रेशर वेसल्स, हीट एक्सचेंजर्स, रिएक्टर्स, कॉलम्स और कस्टम फैब्रिकेशन में विशेषज्ञता रखती है. साथ ही डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और ऑन-साइट इंस्टॉलेशन जैसी एंड-टू-एंड इंजीनियरिंग सेवाएं भी देती है.


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