FII की पहली पसंद बने ये 3 मोनोपोली स्टॉक, जून तिमाही में बढ़ाई हिस्सेदारी; रखें रडार पर

जून 2026 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी निकासी की, लेकिन इसके बावजूद MCX, BHEL और Coal India में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. इन तीनों कंपनियों का अपने-अपने सेक्टर में मजबूत दबदबा है और विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा इन्हें चर्चा में ले आया है.

विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी Image Credit: Canva

Highlights

  • जून 2026 तिमाही में FII ने भारतीय शेयर बाजार से 49,028 करोड़ रुपये निकाले हैं.
  • MCX, BHEL और Coal India में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.
  • MCX में FII की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा बढ़कर 26.07 फीसदी से 29.85 फीसदी पहुंच गई है.

FII Holding: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने जून 2026 तिमाही के दौरान भारतीय शेयर बाजार से 49,028 करोड़ रुपये (490.28 अरब रुपये) की निकासी की. लगातार बिकवाली के चलते भारतीय शेयरों में उनकी कुल हिस्सेदारी घटकर 15.88 फीसदी पर आ गई, जो पिछले 14 वर्षों का सबसे निचला स्तर है. हालांकि, इस कमजोर माहौल के बावजूद कुछ ऐसी कंपनियां रहीं, जिन पर विदेशी निवेशकों ने अपना भरोसा बढ़ाया. इनमें अपने-अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाली, यानी लगभग मोनोपोली कारोबार वाली कंपनियां शामिल हैं.

MCX में सबसे ज्यादा बढ़ी FII हिस्सेदारी

इस सूची में पहला नाम MCX का है. कमोडिटी डेरिवेटिव्स कारोबार में MCX भारत का सबसे बड़ा एक्सचेंज है. कंपनी का कमोडिटी फ्यूचर्स कारोबार में करीब 98 फीसदी बाजार हिस्सा है. वहीं, प्रेशियस मेटल, बेस मेटल और एनर्जी सेगमेंट में इसका बाजार हिस्सा लगभग 100 फीसदी है. मार्च 2026 तिमाही में MCX में FII की हिस्सेदारी 26.07 फीसदी थी, जो जून 2026 तिमाही में बढ़कर 29.85 फीसदी हो गई. यानी विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी में 3.78 फीसदी अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. वित्त वर्ष 2025-26 में MCX का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 107 फीसदी बढ़कर 2,302 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 138 फीसदी बढ़कर 1,332 करोड़ रुपये से अधिक हो गया. जून 2026 में कंपनी ने Silver 100 Futures Contract भी लॉन्च किया, जिससे छोटे निवेशकों और ज्वैलर्स के लिए चांदी में निवेश करना आसान हो गया. मंगलवार को कंपनी का शेयर 1.43 फीसदी बढ़कर 2,680 रुपये पर बंद हुआ.

BHEL पर भी बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा

दूसरे स्थान पर BHEL है. ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में BHEL देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है. कंपनी का देश की कुल स्थापित थर्मल पावर क्षमता में 54 फीसदी, न्यूक्लियर पावर क्षमता में 60 फीसदी और हाइड्रो पावर क्षमता में 43 फीसदी हिस्सा है. जून तिमाही में BHEL में FII की हिस्सेदारी 7.23 फीसदी से बढ़कर 9.52 फीसदी हो गई. यानी इसमें 2.29 फीसदी अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

Equitymaster की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक रिकॉर्ड 2.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था, जिसमें करीब 81 फीसदी ऑर्डर पावर सेक्टर से जुड़े हैं. इसके अलावा, केंद्र सरकार न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट और बड़े बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है. ऐसे में BHEL को इसका सीधा फायदा मिल सकता है. मंगलवार को कंपनी का शेयर 0.19 फीसदी बढ़कर 412 रुपये पर बंद हुआ.

Coal India में भी बढ़ी हिस्सेदारी

इस सूची में तीसरा नाम Coal India का है. यह दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है और भारत के घरेलू कोयला उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है. वहीं, देश के कोयला आधारित बिजली उत्पादन की लगभग 75 फीसदी जरूरतें भी यही कंपनी पूरी करती है. मार्च 2026 तिमाही में Coal India में FII की हिस्सेदारी 8.38 फीसदी थी, जो जून 2026 तिमाही में बढ़कर 10.37 फीसदी हो गई. यानी विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी में 1.99 फीसदी अंकों का इजाफा किया.

इसकी एक बड़ी वजह केंद्र सरकार की Coal Gasification Incentive Scheme मानी जा रही है. सरकार इस योजना के जरिए कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देना चाहती है. कंपनी की सहायक इकाई Coal Gas India भी इस क्षेत्र में सक्रिय है, जिससे आने वाले वर्षों में नए कारोबारी अवसर पैदा होने की उम्मीद है. मंगलवार को कंपनी का शेयर 0.38 फीसदी बढ़कर 418 रुपये पर बंद हुआ.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.