इन शेयरों में मौका! FIIs की खरीदारी से बाजार में हलचल, BPCL-IOC समेत इन 3 कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी
FIIs ने मार्च 2026 तिमाही में कुछ खास कंपनियों में निवेश बढ़ाया है. इनमें BPCL, IOC और ONGC जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इन कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ना बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक इस सेक्टर में भविष्य की संभावनाएं देख रहे हैं. खासकर तेल और गैस कंपनियों में निवेश बढ़ना इस बात का इशारा है कि आने वाले समय में इन कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है.

FIIs: भारत का एनर्जी सेक्टर हमेशा सुर्खियों में नहीं रहता, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह बेहद जरूरी है. यही सेक्टर देश की बिजली, पेट्रोल और गैस की जरूरतों को पूरा करता है. अब इस सेक्टर पर विदेशी निवेशकों यानी FIIs की नजर बढ़ती दिख रही है. दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच FIIs ने कई एनर्जी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.
यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक इस सेक्टर में भविष्य की संभावनाएं देख रहे हैं. खासकर तेल और गैस कंपनियों में निवेश बढ़ना इस बात का इशारा है कि आने वाले समय में इन कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है. ऐसे में निवेशकों के लिए यह एक अहम संकेत बन सकता है.
कौन-कौन से स्टॉक्स पर बढ़ा भरोसा
FIIs ने मार्च 2026 तिमाही में कुछ खास कंपनियों में निवेश बढ़ाया है. इनमें BPCL, IOC और ONGC जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इन कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ना बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
BPCL
Bharat Petroleum Corporation Limited यानी BPCL में FIIs ने अपनी हिस्सेदारी 1.11 प्रतिशत बढ़ाई है. यह कंपनी देश की बड़ी ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोल वितरण कंपनियों में शामिल है. कंपनी को कच्चे तेल की कीमत कम होने से फायदा मिलता है, जिससे इसका मुनाफा बढ़ सकता है.
| December 2025 | March 2026 | Change (%) | |
|---|---|---|---|
| FII होल्डिंग (%) | 18.4% | 19.5% | 1.1% |
IOC
Indian Oil Corporation यानी IOC में FIIs ने सबसे ज्यादा निवेश बढ़ाया है. इसमें 1.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. यह देश की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी है, जिसका बड़ा नेटवर्क है. कंपनी अब साफ ऊर्जा और नए प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रही है.
| December 2025 | March 2026 | Change (%) | |
|---|---|---|---|
| FII होल्डिंग (%) | 8.5% | 9.8% | 1.2% |
ONGC
Oil and Natural Gas Corporation यानी ONGC में भी FIIs ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. यह कंपनी तेल और गैस की खोज और उत्पादन का काम करती है. इसका प्रदर्शन कच्चे तेल की कीमत पर निर्भर करता है, लेकिन हाल में इसकी रणनीतिक अहमियत बढ़ी है.
| December 2025 | March 2026 | Change (%) | |
|---|---|---|---|
| FII होल्डिंग (%) | 7.4% | 7.9% | 0.5% |
क्यों बढ़ रहा है निवेश
विदेशी निवेशकों का मानना है कि एनर्जी सेक्टर में स्थिरता और ग्रोथ की संभावना है.
- कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव से कंपनियों को फायदा हो सकता है.
- कंपनियां नए क्षेत्रों जैसे गैस और रिन्यूएबल एनर्जी में विस्तार कर रही हैं.
- देश में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है.
निवेशकों के लिए संकेत
FIIs का निवेश बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेश करने से पहले जोखिम को समझना जरूरी है. एनर्जी सेक्टर का प्रदर्शन काफी हद तक ग्लोबल मार्केट और कच्चे तेल की कीमत पर निर्भर करता है. एनर्जी सेक्टर भले ही ज्यादा चर्चा में न रहे, लेकिन यह हमेशा मजबूत बना रहता है. FIIs का बढ़ता निवेश इस सेक्टर में भरोसा दिखाता है. आने वाले समय में यह सेक्टर निवेशकों के लिए अच्छे मौके दे सकता है.
डेटा सोर्स: Trendlyne, EM
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.