विदेशी निवेशकों ने इन 9 स्टॉक्स से घटाई हिस्सेदारी, 4% तक कम हुआ स्टेक; जानें कौन-सी कंपनियां हैं शामिल

मार्च 2026 तिमाही में विदेशी निवेशकों ने Nifty 500 के कई बड़े शेयरों में हिस्सेदारी घटाई है. HDFC Bank से लेकर DLF तक, कई कंपनियों में FII होल्डिंग में गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार के लिए अहम संकेत मानी जा रही है. देखें लिस्ट.

विदेशी निवेशकों की घटी हिस्सेदारी Image Credit: @Money9live

FIIs Cut Stake Share: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की चाल हमेशा निवेशकों के लिए एक अहम संकेत मानी जाती है. अगर FIIs किसी स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी घटाते हैं, इसे अक्सर सतर्कता के संकेत के रूप में देखा जाता है. यह बदलाव बाजार की धारणा, वैश्विक हालात या निवेश रणनीति में बदलाव की ओर इशारा कर सकता है. मार्च 2026 तिमाही (Q4) के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, Nifty 500 इंडेक्स के कुछ प्रमुख शेयर ऐसे रहे हैं, जहां विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी में बड़ी कटौती की है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन कंपनियों में FIIs की हिस्सेदारी तिमाही दर तिमाही (QoQ) 1 फीसदी (100 बेसिस पॉइंट) से ज्यादा घटी है.

इन शेयरों में FIIs ने घटाई हिस्सेदारी

  • Eternal- इस कंपनी में FIIs की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 36.24 फीसदी से घटकर मार्च 2026 में 32.61 फीसदी रह गई. यानी एक तिमाही में विदेशी निवेशकों ने 4 फीसदी तक घटाई हिस्सेदारी.
  • HDFC Bank- देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक HDFC Bank में भी विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी कम की. यह 47.67 फीसदी से घटकर 44.05 फीसदी पर आ गई.
  • Vijaya Diagnostic Centre- हेल्थकेयर सेक्टर की इस कंपनी में FII होल्डिंग 15.1 फीसदी से घटकर 13.38 फीसदी हो गई.
  • Emmvee Photovoltaic Power- रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी इस कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 3.97 फीसदी से घटकर 2.45 फीसदी पर आ गई.
  • DLF- रियल एस्टेट दिग्गज DLF में FIIs की हिस्सेदारी 14.81 फीसदी से घटकर 13.54 फीसदी रह गई.
  • Shree Cement- सीमेंट सेक्टर की इस बड़ी कंपनी में विदेशी निवेश 10.07 फीसदी से घटकर 8.94 फीसदी पर आ गया.
  • International Gemological Institute (IGI)- इस कंपनी में FII हिस्सेदारी 9.61 फीसदी से घटकर 8.6 फीसदी रह गई.
  • Apollo Hospitals Enterprise- हेल्थकेयर लीडर Apollo Hospitals में भी FIIs ने हिस्सेदारी घटाकर 43.54 फीसदी से 42.62 फीसदी कर दी.
  • Cemindia Projects- इस कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 8.19 फीसदी से घटकर 7.31 फीसदी रह गई.

इसका क्या मतलब है?

FIIs की हिस्सेदारी में गिरावट को कई नजरियों से देखा जा सकता है. यह जरूरी नहीं कि हर बार यह नकारात्मक संकेत ही हो. कई बार विदेशी निवेशक मुनाफावसूली, पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग या वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते भी अपनी हिस्सेदारी कम करते हैं. हालांकि, लगातार गिरावट यह संकेत दे सकती है कि बड़े निवेशक फिलहाल इन शेयरों को लेकर सतर्क हैं या अपने निवेश को दूसरे सेक्टर्स/मार्केट्स में शिफ्ट कर रहे हैं. निवेशकों को सख्त सलाह यहीं दी जाती है कि किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसकी वित्तीय स्थिति जरूर जांचे. 

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.