FIIs ने IT शेयरों से निकाले ₹20,000 करोड़, अब इस छूटकु स्टॉक में लगा रहे धड़ाधड़ पैसा; क्या आपने देखा?
भारतीय IT सेक्टर में भारी बिकवाली और Nifty IT इंडेक्स में 26% गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों ने एक स्मॉल कैप स्टॉक पर बड़ा दांव लगाया है. कंपनी ने Q4FY26 में ₹1,993 करोड़ के नए सौदे हासिल किए और मुनाफा 44 फीसदी बढ़ाया. जानिए क्यों FIIs इस मिडकैप IT स्टॉक पर बुलिश हैं.
एक तरफ जहां दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का शोर है, वहीं दूसरी ओर भारतीय आईटी सेक्टर एक कठिन दौर से गुजर रहा है. अमेरिका में H-1B वीजा नियमों में सख्ती, सुस्त मांग और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. यही वजह है कि पिछले एक साल में निफ्टी आईटी इंडेक्स 26.3% तक टूट चुका है.
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय आईटी शेयरों से किनारा कर रहे हैं. इस साल की चौथी तिमाही (Q4FY26) में FIIs ने ₹20,000 करोड़ से ज्यादा के आईटी शेयर बेच डाले, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹6,862 करोड़ था. लेकिन इस भारी बिकवाली के बीच, एक ऐसी कंपनी है जिसे विदेशी निवेशक हाथों-हाथ ले रहे हैं. वह दिग्गज टीसीएस या इंफोसिस नहीं, बल्कि बिर्लासॉफ्ट लिमिटेड (Birlasoft Ltd) है.
FIIs ने इस तिमाही में बिर्लासॉफ्ट में अपनी हिस्सेदारी 2.73% बढ़ाकर 13.64% कर ली है. आइए समझते हैं कि आखिर इस मिडकैप आईटी स्टॉक में ऐसा क्या खास है.
बड़े सौदों ने बदली तस्वीर
बीते कुछ समय में आईटी कंपनियों के लिए नए ऑर्डर मिलना मुश्किल हो रहा है, लेकिन सीके बिड़ला ग्रुप की इस कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है.
- डील वैल्यू: Q4FY26 में कंपनी ने करीब ₹1,993 करोड़ ($208 मिलियन) के नए सौदे हासिल किए.
- प्रमुख क्लाइंट्स: कंपनी ने पेमेंट ईकोसिस्टम के आधुनिकीकरण और नॉर्थ अमेरिका की एक बड़ी हेल्थकेयर कंपनी के साथ मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं.
- रेवेन्यू में हिस्सेदारी: बिर्लासॉफ्ट की सबसे बड़ी ताकत उसके टॉप क्लाइंट्स हैं. इसके टॉप-5 ग्राहकों से होने वाली कमाई 37.1% से बढ़कर 42.2% हो गई है.
मुनाफे में 44% की ‘जंप’
भले ही आईटी सेक्टर में सेल्स ग्रोथ धीमी हो, लेकिन बिर्लासॉफ्ट ने अपने ऑपरेशनल मैनेजमेंट से सबको चौंका दिया है.
- बम्पर प्रॉफिट: चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 44% बढ़कर ₹176 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹122 करोड़ था.
- मार्जिन में सुधार: कंपनी का EBITDA मार्जिन लगातार तीसरी तिमाही में बढ़कर 18.5% हो गया है. प्रबंधन का मानना है कि आने वाले समय में भी यह मजबूती बनी रहेगी.
सस्ता वैल्युएशन और मजबूत बैलेंस शीट
FIIs के आकर्षण की एक बड़ी वजह स्टॉक का सस्ता होना भी है:
- P/E रेश्यो: बिर्लासॉफ्ट का पीई रेश्यो 17.2x है, जो कि इंडस्ट्री के औसत (20.6x) से काफी कम है. यानी स्टॉक अपने साथियों के मुकाबले किफायती दाम पर मिल रहा है.
- कर्ज मुक्त: कंपनी लगभग कर्ज मुक्त (डेट-इक्विटी रेश्यो 0.03x) है और इसका डिविडेंड यील्ड (1.94%) भी सेक्टर की अन्य कंपनियों से काफी बेहतर है.
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आईटी सेक्टर की इस उथल-पुथल के बीच बिर्लासॉफ्ट ने अपने ऑपरेशन और नए सौदों के दम पर विदेशी निवेशकों का भरोसा जीता है. हालांकि, बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों को इस पर नजर रखनी चाहिए. कंपनी के शेयर बीते एक महीने में 17 फीसदी गिर चुके हैं और मौजूदा वक्त में 310 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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