विदेशी निवेशकों की बिकवाली, टैक्स नियमों और वैश्विक अनिश्चितताओं से हिला भारतीय बाजार

भारतीय शेयर बाजार इन दिनों विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का सामना कर रहा है. इस साल अब तक एफपीआई ने करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये बाजार से निकाल लिए हैं, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह टैक्स नियमों में बदलाव मानी जा रही है. पहले long term capital gain (LTCG) पर 10-20 फीसदी टैक्स लगता था और प्रॉपर्टी या डेट फंड में indexation का फायदा मिलता था. लेकिन 2024 के बजट के बाद LTCG टैक्स 12.5 फीसदी कर दिया गया है और महंगाई के हिसाब से राहत भी हटा दी गई है. इससे बड़े निवेशकों की टैक्स देनदारी काफी बढ़ गई है, जिसका असर उनकी निवेश रणनीति पर दिख रहा है.

विदेशी निवेशक खासकर IT, FMCG और पावर सेक्टर से पैसा निकाल रहे हैं, जबकि घरेलू निवेशक अब भी बाजार को संभाले हुए हैं. हालांकि टैक्स ही अकेली वजह नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरें, मजबूत डॉलर और आर्थिक अनिश्चितता भी पूंजी के बाहर को बढ़ा रही हैं. ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या सरकार LTCG और STCG टैक्स कम करके निवेशकों का भरोसा वापस ला पाएगी.