सेंसेक्स 1000 प्वाइंट टूटा पर 11% उछला ये शिपिंग स्टॉक, कंपनी में FIIs ने लिया है 30% स्टेक, कर्ज मुक्त भी
जब सेंसेक्स करीब 1,000 अंक टूटकर दबाव में है, तब एक शिपिंग कंपनी ने बाजार को चौंका दिया. शेयर 11 फीसदी उछलकर नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया. मजबूत बैलेंस शीट, कर्ज-मुक्त कारोबार, FIIs की भारी हिस्सेदारी और रिकॉर्ड मुनाफे के दम पर यह शेयर गिरते बाजार में भी निवेशकों की पहली पसंद बनता दिख रहा है.
Top gainer stock today: शेयर बाजार में जब चारों तरफ हाहाकार मचा हो और सेंसेक्स करीब 1,000 अंक टूटकर कराह रहा हो, तब किसी शेयर का रॉकेट बन जाना आम बात नहीं है. 18 मई को बाजार की इस भारी गिरावट के बीच एक शिपिंग कंपनी के शेयर ने कमाल कर दिया. चौतरफा बिकवाली के माहौल में भी इस स्टॉक ने निवेशकों को मालामाल करते हुए 11.3% की तूफानी तेजी दर्ज की और ₹1,707 के नए इंट्राडे हाई को छू लिया.
सेंसेक्स पस्त, पर शिपिंग सेक्टर का यह शेयर मस्त
जहां एक तरफ बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1.3% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, वहीं GE Shipping का शेयर 11 फीसदी से ज्यादा की जोरदार बढ़त के साथ टिका रहा. पिछले दो दिनों से इस शेयर में लगातार तेजी बनी हुई है और महज दो दिनों में इसने निवेशकों को 15 फीसदी का रिटर्न दे दिया है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह शेयर फिलहाल अपने सभी मुख्य मूविंग एवरेज (5, 20, 50, 100 और 200-डे) से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसके बेहद मजबूत और बुलिश ट्रेंड को दिखाता है.
मंदी के बाजार में क्यों दांव लगा रहे हैं निवेशक?
गिरावट के इस दौर में भी निवेशकों का इस कंपनी पर भरोसा अटूट है, और इसके पीछे हैं कंपनी के शानदार लॉन्ग-टर्म रिटर्न. आंकड़े गवाह हैं कि इस शेयर ने हर मोर्चे पर बाजार को पछाड़ा है:
- 6 महीने का रिटर्न: 6 महीने में सेंसेक्स के 20.88% के मुकाबले इसने 49% की छलांग लगाई है.
- 1 साल का रिटर्न: जहां बीते एक साल में सेंसेक्स 9.81% टूटा है, वहीं इस शेयर ने 73.11% का दमदार रिटर्न दिया है.
- 5 साल का रिटर्न: 5 साल में इसने निवेशकों का पैसा 326.25% तक बढ़ा दिया है.
अपने सेक्टर में 45.10% की हिस्सेदारी के साथ ₹22,185 करोड़ के मार्केट कैप वाली यह कंपनी देश की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी है.
FIIs और बड़े संस्थानों को क्यों पसंद है यह शेयर?
इस शेयर की मजबूती की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और बड़े दिग्गजों का भारी भरोसा है. कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, अकेले विदेशी निवेशकों (FIIs और GDR) की हिस्सेदारी करीब 29.51% है. वहीं, कुल संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 43.69% पर पहुंच गई है, जिसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 1.78% की बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा, डायरेक्टर्स और एसोसिएट कंपनियों के पास 30.07% और रिटेल इंवेस्टर के पास 25.17% हिस्सेदारी है.

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मजबूत वित्तीय सेहत और रिकॉर्ड मुनाफा
निवेशकों के इस भरोसे की असली वजह कंपनी की आर्थिक ताकत है. कंपनी पर कर्ज न के बराबर (डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.02) है और यह एक नेट कैश पॉजिटिव कंपनी है. मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 28.5% बढ़ा है. वहीं, तिमाही PBDIT ₹941.40 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. सालाना 19.43% की दर से बढ़ रहा ऑपरेटिंग प्रॉफिट और 16.12% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) यह साफ करता है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भी यह शिपिंग दिग्गज सुरक्षित निवेश का एक बेहतरीन ठिकाना बना हुआ है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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