₹82 से ₹1680 पहुंचा इस रीसाइक्लिंग स्टॉक का भाव, 5 साल में 1900% से ज्यादा का रिटर्न; कई देशों तक फैला कारोबार
इस कंपनी ने बीते 5 वर्षों में निवेशकों को करीब 1900 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. मजबूत बिजनेस मॉडल, ग्लोबल मौजूदगी और दमदार विस्तार योजनाओं के दम पर यह लीड रीसाइक्लिंग कंपनी लॉन्ग टर्म निवेशकों की पसंद बनी हुई है. जानिए कंपनी का कारोबार, फाइनेंशियल स्थिति और आगे की ग्रोथ प्लानिंग.
Gravita India Share and Return History: शेयर बाजार में निवेश करने से पहले ज्यादातर निवेशक ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं, जिन्होंने बीते सालों में शानदार रिटर्न दिया हो और जिनका बिजनेस मॉडल भी मजबूत हो. इसी कड़ी में Gravita India Ltd एक ऐसा नाम बनकर उभरा है, जिसने कारोबार और रिटर्न दोनों मोर्चों पर निवेशकों को चौंकाया है. यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी लीड (सीसा) उत्पादन और रीसाइक्लिंग करने वाली कंपनियों में शामिल है और लॉन्ग टर्म में इसने अपने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिया है.
मार्केट कैप और शेयर का हाल?
शुक्रवार को Gravita India का मार्केट कैप करीब 12,405 करोड़ रुपये रहा. इस दिन शेयर में करीब 2.72 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और NSE पर यह 1,726.90 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,680 रुपये पर बंद हुआ. फिलहाल कंपनी का शेयर करीब 34.26 गुना के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री एवरेज से थोड़ा ऊपर माना जाता है. इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर बना हुआ है.
रिटर्न के मोर्चे पर मारी बाजी
रिटर्न की बात करें तो Gravita India ने बीते पांच सालों में निवेशकों को हैरान कर देने वाला रिटर्न दिया है. 8 जनवरी 2021 को कंपनी का शेयर करीब 82.85 रुपये के स्तर पर था, जो 9 जनवरी 2025 तक बढ़कर 1,680 रुपये पर पहुंच गया. यानी करीब 1,921 फीसदी का उछाल. आसान शब्दों में समझें तो अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले इस स्टॉक में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू 20 लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी होती.
वहीं, 3 साल के दौरान स्टॉक ने 290 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, सालभर में इसमें 25 फीसदी की गिरावट दिखी है. वहीं, महीनेभर में कंपनी का शेयर 6 फीसदी तक टूटा है. मौजूदा समय में कंपनी के शेयर अपने 52वीक हाई (2275 रुपये) से तकरीबन 600 रुपये डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं.
कंपनी के बारे में
कंपनी की प्रोफाइल पर नजर डालें तो Gravita India एक ग्लोबली पहचान रखने वाली रीसाइक्लिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. इसे इस सेक्टर में तीन दशकों से ज्यादा का अनुभव है. कंपनी 70 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का निर्यात करती है और इसके कुल कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू का आधे से ज्यादा हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है. भारत के अलावा कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अफ्रीका, यूरोप और एशिया में भी मौजूद हैं.
कंपनी का कारोबार
Gravita India का बिजनेस चार प्रमुख वर्टिकल्स में फैला हुआ है. इसका सबसे बड़ा और फ्लैगशिप बिजनेस लीड रीसाइक्लिंग है, जिसमें एल्युमिनियम रीसाइक्लिंग भी शामिल है. इसके अलावा कंपनी प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है. कंपनी का फोकस नॉन-फेरस मेटल्स के रीसाइक्लिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर है, जिससे यह सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल के साथ आगे बढ़ रही है.
ऑर्डर बुक और वित्तीय स्थिति कैसी है?
Q2 FY26 के आंकड़ों के मुताबिक, Gravita India के पास 60,000 मीट्रिक टन से ज्यादा का मजबूत ऑर्डर बुक है. कंपनी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन करीब 63 फीसदी है और इसकी कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी 3.40 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है. Gravita के पास चार रीसाइक्लिंग वर्टिकल्स, 12 रीसाइक्लिंग प्लांट्स और दुनियाभर में 1,900 से ज्यादा टचपॉइंट्स हैं.
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q2 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 11.75 फीसदी बढ़कर 1,036 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 96 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इस दौरान कंपनी का EPS बढ़कर 13.01 रुपये प्रति शेयर हो गया. ROCE 21.5 फीसदी और ROE 21.2 फीसदी रहा, जो यह दिखाता है कि कंपनी पूंजी का बेहतर इस्तेमाल कर रही है.
आगे की प्लानिंग?
भविष्य की योजनाओं पर नजर डालें तो Gravita अपनी ‘Vision 2029’ रणनीति पर तेजी से काम कर रही है. कंपनी का लक्ष्य अपनी मौजूदा कैपेसिटी को बढ़ाना और नए रीसाइक्लिंग सेगमेंट्स में कदम रखना है. मौजूदा 3.40 लाख मीट्रिक टन की क्षमता को FY28 तक बढ़ाकर 7 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा करने की योजना है. इसके लिए कंपनी ने करीब 1,225 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान को रीअलाइन किया है. H1 FY26 में कंपनी ने करीब 105 करोड़ रुपये का कैपेक्स किया है, जबकि H2 में करीब 100 करोड़ रुपये और निवेश करने की योजना है.
Gravita की डाइवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी के तहत मुंद्रा में लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग का पायलट प्लांट Q3 FY26 में शुरू होने वाला है. इसके अलावा, लीड कैपेसिटी में भी चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जा रहा है. कंपनी फागी (Phagi) में 45,000 मीट्रिक टन की नई कैपेसिटी जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है, जिसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है. वहीं, मुंद्रा में रबर फैसिलिटी का कमीशनिंग Q4 FY26 में होने की संभावना है, जिससे FY27 से रेवेन्यू आना शुरू हो सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.