होली पर साइबर ठगों से सावधान: जॉब, रेंटल और लोन ऐप के नाम पर बढ़ रहे ऑनलाइन स्कैम, ऐसे रहें सेफ
होली का त्योहार खुशियों और रंगों का प्रतीक है, लेकिन इसी दौरान साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं. फर्जी जॉब ऑफर, सस्ते किराये के फ्लैट, मैट्रिमोनियल गिफ्ट और इंस्टेंट लोन ऐप के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. गृह मंत्रालय और I4C ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है - इस होली रंग लगवाएं, लेकिन ठगों से बचें.
Cyber Fraud: होली का त्योहार खुशियों, रंगों और मेल-मिलाप का प्रतीक है, लेकिन इसी मौके पर साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं. लोग जब त्योहार की मस्ती में व्यस्त होते हैं, तब स्कैमर्स अलग-अलग तरीकों से उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं. गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने होली के मौके पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इस होली रंग लगवाओ, चूना नहीं.
फर्जी जॉब ऑफर, सस्ते किराये के नाम पर धोखाधड़ी, ऑनलाइन रिश्तों के बहाने गिफ्ट और कस्टम चार्ज स्कैम या फिर इंस्टेंट लोन ऐप – ये कुछ आम तरीके हैं जिनसे ठग लोगों को निशाना बनाते हैं. ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है.
फर्जी जॉब ऑफर और इंस्टेंट लोन ऐप से सावधान
आजकल कई लोगों को बिना आवेदन किए या इंटरव्यू दिए ही ई-मेल या मैसेज के जरिए जॉब ऑफर मिल जाते हैं. अक्सर ऐसे मैसेज में मोटी सैलरी का लालच दिया जाता है और बाद में “प्रोसेसिंग फीस” या “जॉइनिंग फीस” के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं. इसी तरह इंस्टेंट लोन ऐप भी एक बड़ा खतरा बन चुके हैं. ये ऐप बिना CIBIL स्कोर और कम ब्याज का वादा करते हैं और APK फाइल डाउनलोड करने को कहते हैं. एक बार ऐप इंस्टॉल होने पर ये आपके फोन के कॉन्टैक्ट, गैलरी और मैसेज तक पहुंच ले लेते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग शुरू हो जाती है.
क्या करना चाहिए?
- किसी भी जॉब के लिए पहले आवेदन और इंटरव्यू की प्रक्रिया होती है.
- लोन केवल RBI से रजिस्टर्ड बैंक या NBFC से ही लें.
- ऐप हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें.
सस्ते किराये के फ्लैट और रेंटल ट्रैप
ऑनलाइन प्रॉपर्टी वेबसाइट्स पर कई बार बेहद कम किराये में प्राइम लोकेशन वाले फ्लैट का विज्ञापन दिखता है. जब आप संपर्क करते हैं तो सामने वाला व्यक्ति फ्लैट दिखाने के लिए पहले विजिटर पास या रिफंडेबल फीस के नाम पर पैसे मांगता है. ज्यादातर मामलों में पैसे मिलने के बाद ठग संपर्क तोड़ देते हैं और फ्लैट का कोई अस्तित्व ही नहीं होता.
क्या करना चाहिए?
- घर देखने से पहले किसी भी तरह की एडवांस फीस देने से बचें.
- मालिक या एजेंट की पहचान और प्रॉपर्टी की वास्तविकता की जांच करें.
- भुगतान हमेशा एग्रीमेंट के बाद ही करें.
मैट्रिमोनियल और गिफ्ट कस्टम स्कैम
ऑनलाइन डेटिंग या मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर भी ठगी के कई मामले सामने आ रहे हैं. ठग अक्सर खुद को विदेश में रहने वाला प्रोफेशनल बताकर दोस्ती या रिश्ते की शुरुआत करते हैं. कुछ समय बाद वे महंगे गिफ्ट भेजने की बात करते हैं और फिर कस्टम क्लियरेंस या कूरियर चार्ज के नाम पर पैसे मांगते हैं. असल में ऐसा कोई गिफ्ट होता ही नहीं और पीड़ित व्यक्ति भावनात्मक दबाव में आकर पैसे भेज देता है.
ऐसे में क्या करना चाहिए?
- अनजान लोगों पर ऑनलाइन जल्दी भरोसा न करें.
- किसी भी कूरियर या कस्टम भुगतान लिंक से सावधान रहें.
- भावनात्मक दबाव या जल्दबाजी को ठगी का संकेत समझें.
त्योहार के दौरान थोड़ी सी सावधानी आपको साइबर ठगी से बचा सकती है. अगर किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शक हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें. इस होली खुशियों के रंग जरूर उड़ाएं, लेकिन साइबर ठगों से सतर्क रहें-रंग लगवाएं, चूना नहीं.
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