इस केमिकल कंपनी का मुनाफा 39 से बढ़कर 555 करोड़ हुआ, एक्सपर्ट ने दी खरीदने की सलाह, जानें- टारगेट प्राइस

शेयर की कीमत करीब 11 गुना बढ़ी थी. फिलहाल ये शेयर 2022 के लेवल्स से 7 गुना पर चल रहा है. तो आखिर इस स्टॉक में ऐसा क्या हुआ ये दौड़ पड़ा. उस पूरे पीरियड में 2024 तक और फिर अभी भी यह स्ट्रेंथ में क्यों है. दिसंबर तिमाही में भी नतीजे अच्छे आए हैं.

हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल शेयर. Image Credit: Getty image

हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल एक मल्टीबैगर शेयर है. साल 2022 में यह शेयर 45 रुपये से 65 रुपये की रेंज में चलता था. इस स्टॉक ने सितंबर 2024 में 688.70 रुपये का हाई बनाया था. यानी शेयर की कीमत करीब 11 गुना बढ़ी थी. फिलहाल ये शेयर 2022 के लेवल्स से 7 गुना पर चल रहा है. तो आखिर इस स्टॉक में ऐसा क्या हुआ ये दौड़ पड़ा. उस पूरे पीरियड में 2024 तक और फिर अभी भी यह स्ट्रेंथ में क्यों है.

इसका मुनाफा वित्त वर्ष 22 में 39 करोड़ रुपये था. फिर अचानक से टर्न अराउंड हुआ और वित्त वर्ष 23 में प्रॉफिट बढ़कर 216 करोड़ रुपये हो गया. वित्त वर्ष 24 में मुनाफा 411 करोड़ और पिछले साल यानी वित्त वर्ष 25 में प्रॉफिट हो गया 555 करोड़ रुपये.

39 करोड़ से 555 करोड़ हुआ मुनाफा

अब सोचिए कि 3 साल में जिस कंपनी का प्रॉफिट 39 करोड़ से बढ़कर 555 करोड़ हो जाता है, तो ऐसा नहीं कि कंपनी ने केवल शेयर ने ही ग्रोथ दिखाई, बल्कि प्रॉफिट भी उसी स्पीड से चला और प्रॉफिट के साथ-साथ रेवेन्यू भी लगभग पिछले 3 साल में डबल हो गया.

दिसंबर तिमाही के नतीजे

दिसंबर तिमाही में भी नतीजे अच्छे आए हैं. रेवेन्यू में 4 फीसदी का उछाल देखने को मिला और मुनाफा करीब 36 फीसदी बढ़ा है. रेवेन्यू 1140 करोड़ से बढ़कर 1183 करोड़ रुपये रहा और मुनाफा 141 करोड़ से बढ़कर 192 करोड़ रुपये रहा.

FIIs ने बढ़ाई है हिस्सेदारी

पिछली चार तिमाही से FIIs इस शेयर को खरीद रहे हैं और एफआई ने हिस्सा करीब 5.15 फीसदी से बढ़ाकर अपना 5.75 फीसदी कर लिया है. हर क्वार्टर में उन्होंने अपनी होल्डिंग बढ़ाई है.

कंपनी की क्षमता बढ़ी

कंपनी ने अपनी कार्बन ब्लैक कैपेसिटी बढ़ा ली है. दिसंबर 2025 में कंपनी ने अपना ट्रायल रन पूरा किया, जिसमें कैपेसिटी 70,000 टन से बढ़कर करीब एक लाख 30 हजार टन हो गई है. जिस प्लांट पर यह कार्बन ब्लैक की क्षमता बढ़ाई है वहां पर अभी भी सरप्लस लैंड पड़ी हुई है. कंपनी कहना है कि अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो वो अपनी क्षमता और बढ़ा सकती है.

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़ी

प्रमोटर्स ने भी प्रेफरेंशियल वारंट के जरिए अपनी होल्डिंग बढ़ाई है. उन्होंने प्रेफरेंशियल इश्यू जारी किया था जिसमें कि करीब 316 करोड़ रुपये पर शेयर के हिसाब से प्रमोटर्स, नॉन प्रमोटर्स कैटेगरी ने अच्छा खासा पार्टिसिपेशन देखने को मिला. प्रमोटर होल्डिंग 51.57 फीसदी से बढ़कर 52.49 फीसदी हो गई है. लगभग कंपनी में 1 फीसदी हिस्सा प्रमोटर ने बढ़ा लिया है.

स्टॉक में क्या करें निवेशक?

टेक्निकली देखिए मुझे लगता है कि जिस तरीके से रैली आई थी और फिर से कंसोलिडेशन के अंदर स्टॉक अभी फंसा हुआ है, तो मेरी तरफ से बाय कॉल है. लेकिन एक कंडीशन है कि एक बार 515 रुपये के ऊपर क्लोजिंग आती है, तो पहला टारगेट 595 रुपये रहेगा और दूसरा टारगेट 680 रुपये रहेगा. साथ ही आपको 457 रुपये के आसपास आपको स्टॉपलॉस मेंटेन करना है.

गुरुवार को यह शेयर 1.46 फीसदी की तेजी के साथ 458.00 रुपये पर बंद हुआ.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.