590 करोड़ के फ्रॉड से हिला IDFC First बैंक, खुलते ही 17% टूटा शेयर, बिकवाली का दौर लगातार जारी

सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही बैंक का स्टॉक करीब 18.85% गिर गया. इस गिरावट की वजह 590 करोड़ रुपये का एक बड़ा फ्रॉड है, जो बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में सामने आया है. बैंक ने खुद इस मामले की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी है.

IDFC फर्स्ट बैंक Image Credit: Debarchan Chatterjee/NurPhoto via Getty Images

IDFC First Bank Share: IDFC First बैंक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है. बैंक के शेयरों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही बैंक का स्टॉक करीब 18.85% गिर गया. इस गिरावट की वजह 590 करोड़ रुपये का एक बड़ा फ्रॉड है, जो बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में सामने आया है. बैंक ने खुद इस मामले की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी है.

इस फ्रॉड की वजह से IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरहोल्डर्स को भारी कीमत चुकानी पड़ी, सोमवार को एक ही सेशन में मार्केट कैपिटलाइजेशन में Rs 14,438 करोड़ का नुकसान हुआ. इस खबर के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है और बाजार में बैंक के शेयरों पर भारी बिकवाली देखने को मिली. खास बात यह है कि इस गिरावट के दौरान शेयर में कोई खरीदार नजर नहीं आया. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है और आगे इसका असर क्या हो सकता है.

शेयर में भारी गिरावट

IDFC First बैंक के शेयर सोमवार को बाजार खुलते ही टूट गए. NSE पर शेयर करीब 18 प्रतिशत गिरकर 67.85 रुपये तक पहुंच गया. वहीं BSE पर भी शेयर लोअर सर्किट में चला गया. बाजार में बड़ी संख्या में बेचने वाले थे, लेकिन खरीदने वाला कोई नहीं दिखा.

सोर्स: NSE
सोर्स: BSE

590 करोड़ का फ्रॉड कैसे सामने आया

बैंक के मुताबिक यह मामला चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़ा है. यहां कुछ कर्मचारियों ने मिलकर 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया. यह गड़बड़ी तब सामने आई जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और पैसे दूसरी बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया. जब बैंक ने जांच की तो खाते में मौजूद रकम और सरकारी रिकॉर्ड में बताए गए रकम में अंतर मिला. इसी के बाद यह बड़ा फ्रॉड सामने आया.

बैंक ने क्या कार्रवाई की

बैंक ने इस मामले में चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. बैंक ने कहा है कि दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है. इसके अलावा बैंक ने एक बाहरी एजेंसी से जांच कराने का फैसला लिया है. यह एजेंसी पूरे मामले का फॉरेंसिक ऑडिट करेगी.

बैंक ने जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उन पर नजर रखी जा रही है. दूसरे बैंकों से भी संपर्क किया गया है ताकि संदिग्ध खातों में मौजूद रकम को रोका जा सके. बैंक का कहना है कि अंतिम नुकसान कितना होगा, यह जांच और रिकवरी के बाद ही पता चलेगा.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.