1.3 लाख करोड़ रुपये का बड़ा दांव! भारत में शुरू हुई Energy Storage की नई रेस, इन 3 कंपनियों पर रहेगी नजर

भारत FY32 तक 411 GWh Energy Storage क्षमता विकसित करने की तैयारी में है, जिसमें 175 GWh क्षमता Pumped Storage Projects (PSP) से आने की उम्मीद है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है. Adani Green Energy, Tata Power और JSW Energy इस क्षेत्र में बड़े निवेश और नई परियोजनाओं पर काम कर रही हैं.

पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स Image Credit: ai/canva

Highlights

  • भारत ने FY32 तक 411 GWh Energy Storage क्षमता का लक्ष्य रखा है.
  • इस सेक्टर में FY32 तक करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है.
  • Adani Green Energy, Tata Power और JSW Energy तेजी से काम कर रही हैं.

Pumped Storage Projects: भारत तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ा रहा है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती केवल बिजली उत्पादन नहीं, बल्कि उसका भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) बन गई है. सौर और पवन ऊर्जा की अनियमित उपलब्धता को देखते हुए केंद्र सरकार ने FY32 तक देश में 411 GWh एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है. इसमें करीब 175 GWh क्षमता पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) से आने की उम्मीद है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है.

क्या है Pumped Storage Project?

Pumped Storage Project को एक तरह की प्राकृतिक बैटरी माना जाता है. इसमें दो जलाशय बनाए जाते हैं, जिनमें एक ऊंचाई पर और दूसरा नीचे स्थित होता है. जब बिजली की मांग कम होती है या रिन्यूएबल एनर्जी से अतिरिक्त बिजली पैदा होती है, तब उस बिजली का उपयोग करके पानी को निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय तक पंप किया जाता है. बाद में जब बिजली की मांग बढ़ती है, तो यही पानी टरबाइन से होकर नीचे आता है और बिजली पैदा करता है. इस तकनीक से जरूरत के समय आसानी से बिजली की आपूर्ति की जा सकती है.

तेजी से बढ़ रहा है सेक्टर

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में भारत में 7.4 GW की Pumped Storage क्षमता चालू है. इसके अलावा करीब 16 GW क्षमता वाले प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं, जबकि 8.1 GW परियोजनाओं को Central Electricity Authority (CEA) से मंजूरी मिल चुकी है. सरकार की नीतियों, तेज मंजूरी प्रक्रिया और रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में बढ़ोतरी के चलते यह क्षेत्र अगले दशक में तेज विकास की राह पर है.

अडानी ग्रीन का 500 MW लक्ष्य

अडानी ग्रीन एनर्जी ने Pumped Storage को अपनी लॉन्ग-टर्म रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है. कंपनी FY27 के दौरान आंध्र प्रदेश की चित्रावती नदी पर अपना पहला 500 MW Pumped Storage Project शुरू करने की तैयारी में है. इससे हर साल 1 अरब यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है.

कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 5 GW से अधिक Pumped Storage क्षमता विकसित करना है. इसके लिए आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और असम समेत छह राज्यों में परियोजनाओं पर काम चल रहा है. कंपनी ने उत्तर प्रदेश और असम में बिजली खरीद समझौते (PPA) भी किए हैं. सोमवार को कंपनी का शेयर 0.87 फीसदी बढ़कर 1,395 रुपये पर पहुंच गया.

टाटा पावर का 2,800 MW प्लान

टाटा पावर महाराष्ट्र में 2,800 MW क्षमता वाले पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स विकसित कर रही है. कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत करीब 13,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसमें 1,000 MW भिवपुरी प्रोजेक्ट को पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है और इसके 2029 तक चालू होने की उम्मीद है. वहीं, 1,800 MW शिरावता प्रोजेक्ट का निर्माण FY27 में शुरू करने की योजना है. कंपनी भूटान में भी 1,800 MW जेरी प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. सोमवार को कंपनी का शेयर 0.34 फीसदी बढ़कर 382 रुपये पर पहुंच गया.

जेएसडब्ल्यू एनर्जी का बड़ा विस्तार

जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने 2030 तक 40 GWh एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है. इसमें 26.4 GWh क्षमता पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स से आएगी. कंपनी महाराष्ट्र के 1,500 MW भावली प्रोजेक्ट और उत्तर प्रदेश के 1,500 MW कंधुआरा प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. इसके अलावा विभिन्न राज्यों के साथ कुल 80 GWh क्षमता के लिए एमओयू किए गए हैं. सोमवार को कंपनी का शेयर 2.59 फीसदी बढ़कर 569 रुपये पर पहुंच गया.

कंपनियों की अलग-अलग रणनीति

तीनों कंपनियां Pumped Storage सेक्टर में निवेश कर रही हैं, लेकिन उनकी रणनीति अलग-अलग है. अडानी ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी पार्कों के साथ एनर्जी स्टोरेज को जोड़ रही है. टाटा पावर अपने हाइड्रो एसेट्स का लाभ उठाकर परियोजनाएं विकसित कर रही है, जबकि जेएसडब्ल्यू एनर्जी विविध एनर्जी स्टोरेज पोर्टफोलियो तैयार करने पर काम कर रही है.

यह भी पढ़ें: UPI में होने जा रहा बड़ा बदलाव! Zero MDR खत्म करने का प्रस्ताव, क्या अब लगेगा चार्ज?

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.