इंफोसिस के शेयर की हालत खराब, मार्केट कैप को झटका; घरेलू फंड हाउस के जले हाथ, जानें- कितना हुआ नुकसान

टेक सेक्टर के प्रति निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आ रहा है, क्योंकि इस बात की चिंता बढ़ रही है. बेंगलुरु की सॉफ्टवेयर कंपनी में हाल ही में हुए क्रैश से घरेलू म्यूचुअल फंड को भी भारी नुकसान हुआ है.

इंफोसिस शेयर Image Credit: Getty image

सोमवार 16 फरवरी को इंफोसिस के शेयर की कीमत लगातार चौथे सेशन में टूट गई और यह 0.66 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 1,370.90 रुपये पर बंद हुआ. आज की गिरावट के साथ चार दिनों में इसका कुल नुकसान 9 फीसदी हो गया. हाल की गिरावट ने इंफोसिस के शेयर की कीमत को फरवरी में अब तक 17 फीसदी नीचे ला दिया है. यह अप्रैल 2022 के बाद से इसकी सबसे बड़ी मंथली गिरावट है. साथ ही इंफोसिस के शेयर ने 1,861 रुपये के अपने एक साल के पीक से 26.60 फीसदी टूटा है, जिससे यह लार्ज कैप स्पेस में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में से एक बन गया है. इस क्रैश ने इंफोसिस की वैल्यूएशन को 6 लाख करोड़ रुपये से नीचे धकेल दिया.

सेंटीमेंट कमजोर

टेक सेक्टर के प्रति निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आ रहा है, क्योंकि इस बात की चिंता बढ़ रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स कंपनियों को इन-हाउस कोड बनाने में मदद कर सकते हैं, जिससे थर्ड-पार्टी वेंडर्स पर निर्भरता कम हो जाएगी, और ये चिंताएं अब फाइनेंशियल सर्विसेज, ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स तक फैल रही हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कुछ और

हालांकि, एनालिस्ट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ने से जल्द ही कोई असर नहीं दिख रहा है, लेकिन स्ट्रीट की चिंता इस बात से लगती है कि यह जल्द ही सॉफ्टवेयर बनाने वालों के लिए कड़ी टक्कर दे सकता है, जो एंथ्रोपिक के एक लीगल AI टूल के लॉन्च के बाद और बढ़ गई.

फरवरी की शुरुआत से सभी टेक स्टॉक्स में भारी गिरावट आई है, जिससे मार्केट वैल्यू में अरबों का नुकसान हुआ है और रिटेल पोर्टफोलियो में काफी झटका लगा है. इसका असर मुख्य इंडेक्स पर भी पड़ा है, जिससे 2026 की शुरुआत में हुई उनकी सारी बढ़त खत्म हो गई है.

घरेलू फंड हाउस को बड़ा नुकसान

बेंगलुरु की सॉफ्टवेयर कंपनी में हाल ही में हुए क्रैश से घरेलू म्यूचुअल फंड को भी भारी नुकसान हुआ है. मिंट के अनुसार, दिसंबर तिमाही के आखिर में 45 म्यूचुअल फंड के पास कुल मिलाकर इंफोसिस में 22.12 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो पिछले साल इसी समय की तुलना में 2.07 फीसदी ज्यादा है.

इंफोसिस के शेयर की कीमत में एक साल के हाई से 26.6 फीसदी की गिरावट के कारण घरेलू फंड हाउस को 44,421 करोड़ रुपये का नोशनल लॉस हुआ है. उनकी होल्डिंग्स की वैल्यू 1,66,970 करोड़ रुपये से घटकर 1,22,549 करोड़ रुपये हो गई है, जब स्टॉक 1,861 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.

इन फंड्स की है हिस्सेदारी

कंपनी में हिस्सेदारी रखने वाले कुछ खास म्यूचुअल फंड में SBI म्यूचुअल फंड की 4.66% हिस्सेदारी, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की 4.11% हिस्सेदारी, और HDFC म्यूचुअल फंड और UTI म्यूचुअल फंड की Q2 FY26 के आखिर में क्रमशः 1.86% और 1.81% हिस्सेदारी शामिल है.

ट्रेंडलाइन के डेटा से पता चला है कि म्यूचुअल फंड के अलावा, FII के पास कंपनी में 30.3% की मेजोरिटी हिस्सेदारी है, जबकि आम शेयरहोल्डर्स के पास कंपनी में 13.7% हिस्सेदारी है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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