‘Create in India’ मिशन जल्द लॉन्च करेगी सरकार, AI के दम पर रोजगार, इंडस्ट्री और टैलेंट को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार ‘Create in India’ मिशन शुरू करने की तैयारी में है, जिसका लक्ष्य AI के जरिए उद्योगों को मजबूत करना, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना और भविष्य के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करना है. सरकार स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब और AI शिक्षा पर जोर देकर भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.
Create in India Mission Soon Launch: केंद्र सरकार जल्द ही ‘Create in India’ मिशन शुरू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य देश में इंडस्ट्री को मजबूत करना, नए रोजगार पैदा करना और भविष्य के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करना है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 16 फरवरी को आयोजित AI Impact Summit में इस नई पहल की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत को दुनिया के लिए सबसे पसंदीदा निर्माण और नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा.
मंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य केवल नई इंडस्ट्री बनाना नहीं है, बल्कि मौजूदा कैपेसिटी को मजबूत करते हुए ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां वैश्विक कंपनियां भारत को प्राथमिक प्लेटफॉर्म के रूप में चुनें. साथ ही, आने वाले समय की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित और सक्षम टैलेंट तैयार किया जाएगा.
AI का असर- खतरा नहीं, अवसर
AI को लेकर दुनिया भर में नौकरियों पर खतरे की चर्चा के बीच वैष्णव ने कहा कि भारत में AI के कारण रोजगार खत्म होने के बजाय नए अवसर पैदा हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि देश में तेजी से एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार हो रही है और सरकार इसे सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है. उनके मुताबिक, AI को जीवन में ऐसे शामिल होना चाहिए कि वह मानव कैपेसिटी को कम न करे, बल्कि उसे और मजबूत बनाए. कई विकसित देश भी इसी मॉडल को आदर्श मान रहे हैं.
स्कूलों और कॉलेजों में नई पहल
बजट 2026 में घोषित योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि देशभर के 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जा रही हैं. इन लैब्स का उद्देश्य छात्रों में तकनीक और रचनात्मकता दोनों को बढ़ावा देना है. यह काम उद्योगों के सहयोग से किया जाएगा ताकि पढ़ाई सीधे भविष्य की जरूरतों से जुड़ सके. उन्होंने कहा कि जैसे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश के लगभग 350 विश्वविद्यालयों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ छात्र मौजूद हैं, उसी तरह आने वाले वर्षों में AI क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षित छात्र तैयार किए जाएंगे.
तकनीक और रचनात्मकता साथ-साथ
वैष्णव ने जोर देकर कहा कि तकनीक और क्रिएटिविटी एक-दूसरे के पूरक हैं. AI केवल इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्म, मीडिया, डिजाइन और कंटेंट जैसे रचनात्मक क्षेत्रों के लिए भी नए अवसर खोल रहा है.
क्या AI नवाचार को नुकसान पहुंचाएगा?
AI से नवाचार और रचनात्मकता को खतरा होने की आशंकाओं पर मंत्री ने कहा कि अब यह स्पष्ट है कि AI भविष्य का हिस्सा है और इससे बचना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि AI मानव कहानी-कला या रचनात्मकता को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उसे और विस्तार देगा. उनके अनुसार, नई तकनीक को अपनाना उतना ही स्वाभाविक होना चाहिए जितना मछली का पानी में रहना. सरकार का फोकस AI को तेजी से अलग-अलग सेक्टरों में लागू करने पर है, ताकि प्रोडक्टिविटी बढ़े और आर्थिक लाभ मिले. वैष्णव ने कहा कि भारत सहयोग और साझेदारी के जरिए AI के क्षेत्र में “विन-विन” स्थिति बनाना चाहता है, जिससे उद्योगों और क्रिएटिव सेक्टर दोनों को फायदा हो.
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