UPI ने बदली भुगतान की तस्वीर, 57% लेनदेन अब डिजिटल, नकद पीछे; RuPay कार्ड बढ़ाने पर जोर
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार भारत में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है और UPI अब सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पेमेंट माध्यम बन चुका है. कुल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी 57 फीसदी तक पहुंच गई है, जबकि नकद 38 फीसदी पर सिमट गया है. हालांकि ग्रामीण और छोटे शहरों में RuPay डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए सरकार अतिरिक्त कदम उठाने की तैयारी में है.
UPI Surpass cash Rupay: भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और अब UPI लोगों का सबसे पसंदीदा पेमेंट तरीका बन चुका है. वित्त मंत्रालय की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, UPI ने नकद लेनदेन को भी पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अब कुल भुगतान में लगभग 57 फीसदी हिस्सा UPI का है, जबकि नकद का हिस्सा करीब 38 फीसदी रह गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह आसान इस्तेमाल, तुरंत पैसा ट्रांसफर और हर जगह उपलब्धता है.
रोजमर्रा के भुगतान में डिजिटल का दबदबा
रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट अब लोगों की रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. करीब 65 फीसदी UPI यूजर्स रोज कई बार डिजिटल भुगतान करते हैं जैसे किराना खरीदना, बिल भरना, ऑनलाइन ऑर्डर या छोटी-मोटी खरीदारी. इससे साफ है कि मोबाइल से पेमेंट करना अब आदत बन चुका है, खासकर शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी.
हर वर्ग में बढ़ा डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल
यह रिपोर्ट वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने जारी की है. “RuPay डेबिट कार्ड और छोटे मूल्य के BHIM-UPI भुगतान को बढ़ावा देने की योजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव” पर आधारित यह अध्ययन फरवरी 2026 में हुए चिंतन शिविर के दौरान पेश किया गया. इसके लिए 15 राज्यों में 10,000 से ज्यादा लोगों पर सर्वे किया गया, जिसमें यूजर्स, दुकानदार और सेवा प्रदाता सभी शामिल थे. स्टडी से पता चला कि अलग-अलग इनकम ग्रुप, शहर-गांव और पेशे वाले लोगों में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है.
RuPay डेबिट कार्ड के लिए खास कोशिश की जरूरत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जहां UPI तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं RuPay डेबिट कार्ड का इस्तेमाल उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाया, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में. इसलिए इन क्षेत्रों में कार्ड इस्तेमाल बढ़ाने के लिए अलग से प्रयास करने की जरूरत बताई गई है. इसके लिए सुझाव दिए गए हैं-
- दुकानदारों को कार्ड पेमेंट स्वीकार करने के लिए सक्षम बनाना
- छोटे भुगतान के लिए UPI Lite जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देना
- इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी मजबूत करना
- डिजिटल साक्षरता बढ़ाना
- धोखाधड़ी से बचाव के उपाय मजबूत करना
सरकार ने दिया हजारों करोड़ का प्रोत्साहन
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में भारी रकम खर्च की है. FY22 से FY25 के बीच करीब 8,276 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई, ताकि RuPay कार्ड और छोटे UPI भुगतान को बढ़ावा मिल सके. वित्त वर्ष के अनुसार खर्च इस प्रकार रहा-
- FY22- 1,389 करोड़ रुपये
- FY23- 2,210 करोड़ रुपये
- FY24- 3,631 करोड़ रुपये
- FY25- 1,046 करोड़ रुपये
कुल मिलाकर क्या संकेत मिलते हैं
रिपोर्ट से साफ है कि भारत तेजी से नकद अर्थव्यवस्था से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. UPI इस बदलाव का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है. हालांकि सरकार चाहती है कि RuPay कार्ड का इस्तेमाल भी बढ़े, ताकि डिजिटल भुगतान के सभी विकल्प मजबूत हों- खासकर गांव और छोटे शहरों में.
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