₹20 से कम के इस शेयर में आई जोरदार तेजी, 11% उछला स्टॉक; ₹511 करोड़ के इस मामले ने दी रफ्तार
JP Power के शेयरों में सोमवार को 11% तक की तेजी आई और स्टॉक 17.49 रुपये के हाई पर पहुंच गया. कंपनी ने 511 करोड़ रुपये के फुल एंड फाइनल पेमेंट के साथ क्लेम सेटल करने पर सहमति जताई है. सेटलमेंट की सभी शर्तें पूरी होने के बाद IBC की कार्यवाही वापस लेने की बात कही गई है. NARCL ने कंपनी के खिलाफ NCLT में करीब 512 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट को लेकर एप्लिकेशन दाखिल की थी.
Highlights
- जेपी पावर के शेयर में 11% तक की तेजी आई और 17.49 रुपये के हाई पर पहुंच गया.
- कंपनी ने 511 करोड़ रुपये के फुल एंड फाइनल पेमेंट के साथ क्लेम सेटल करने पर सहमति जताई है.
- सेटलमेंट की शर्तें पूरी होने के बाद IBC कार्यवाही वापस लेने की बात कही गई है.
JP Power: जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड यानी JP Power के शेयरों में सोमवार के कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली. शेयर करीब 11% तक चढ़कर 17.49 रुपये के हाई पर पहुंच गया. कंपनी की ओर से इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड यानी IBC की कार्यवाही से जुड़े एक महत्वपूर्ण अपडेट के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी है. JP Power ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि कंपनी ने 511 करोड़ रुपये के फुल एंड फाइनल पेमेंट के साथ संबंधित क्लेम को सेटल करने पर सहमति जताई है.
कंपनी ने कहा है कि सेटलमेंट की सभी शर्तें पूरी होने के बाद IBC की कार्यवाही वापस ले ली जाएगी. कंपनी ने यह भी कहा है कि इस मामले में आगे होने वाले किसी भी डेवलपमेंट की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी जाएगी.
शेयर में 11% तक की तेजी
सेटलमेंट से जुड़ी खबर के बाद JP Power के शेयरों में तेजी आई. BSE पर शेयर 11% चढ़कर 17.49 रुपये प्रति शेयर के हाई पर पहुंच गया. हालांकि, सोमवार की तेजी के बावजूद शेयर अभी भी इस साल की शुरुआत से करीब 8% नीचे है. कंपनी से जुड़े इस अपडेट के बीच Adani Power को लेकर सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट पर भी सफाई आई है.
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि Adani Power 2026 के अंत से पहले JP Power में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर सकती है. हालांकि, Adani Power ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसने इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है, जैसा कि मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था.
क्या है 511 करोड़ रुपये का मामला
JP Power से जुड़े इस विवाद की शुरुआत कंपनी की ओर से Jaiprakash Associates यानी JAL को दी गई कॉरपोरेट गारंटी से हुई थी. National Asset Restructuring Company Ltd यानी NARCL ने मार्च 2026 में JP Power के खिलाफ National Company Law Tribunal यानी NCLT में IBC की धारा 7 के तहत एप्लिकेशन दाखिल की थी.
इस एप्लिकेशन में करीब 512 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का आरोप लगाया गया था. इसमें ब्याज और अन्य चार्ज भी शामिल थे. विवादित रकम JP Power की ओर से JP Associates के External Commercial Borrowings यानी ECBs के लिए दी गई कॉरपोरेट गारंटी से जुड़ी थी. ये ECBs State Bank of India यानी SBI से लिए गए थे. JP Power के मुताबिक, अप्रैल 2019 में साइन किए गए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत रिस्ट्रक्चरिंग प्लान की कुछ शर्तों के तौर पर SBI को यह कॉरपोरेट गारंटी रिलीज करनी थी.
SBI ने 2023 में भेजा था डिमांड नोटिस
इस मामले में SBI ने दिसंबर 2023 में डिमांड-कम-रिकॉल नोटिस भेजा था. इसके बाद मामला Debt Recovery Tribunal यानी DRT, नई दिल्ली तक भी पहुंचा. इसके बाद JP Power के खिलाफ NARCL की ओर से NCLT में IBC के तहत कार्रवाई शुरू की गई.
क्रिसिल रेटिंग्स ने भी 31 अगस्त को JP Power की क्रेडिट रेटिंग को नेगेटिव वॉच पर रखा था. रेटिंग पर यह निगेटिव नजर मार्च 2026 में उस समय आई थी, जब NARCL ने कंपनी के खिलाफ NCLT में एप्लिकेशन दाखिल की थी. NARCL की ओर से दाखिल एप्लिकेशन में करीब 512 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट के साथ ब्याज और अन्य चार्ज का भी जिक्र था.
रिस्ट्रक्चरिंग के बाद घटा कर्ज
JP Power के कर्ज में पिछले कुछ वर्षों में कमी आई है. अप्रैल 2019 में हुए डेट रिस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी का कुल कर्ज 4,870 करोड़ रुपये रह गया था. इसमें 4,361 करोड़ रुपये का लॉन्ग-टर्म डेट शामिल था. 31 मार्च 2019 को कंपनी का कुल कर्ज 11,149 करोड़ रुपये था.
इस तरह डेट रिस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी के कर्ज में बड़ी कमी आई. 31 मार्च 2026 तक JP Power का कुल कर्ज 3,380 करोड़ रुपये था. ऐसे में 511 करोड़ रुपये के सेटलमेंट एग्रीमेंट और IBC कार्यवाही वापस लेने की संभावना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट है.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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