Jupiter Wagons vs Titagarh Rail: रेलवे की रफ्तार से दौड़ रहे ये 2 स्टॉक्स! कौन देगा आगे मल्टीबैगर रिटर्न
वंदे भारत ट्रेन, मेट्रो नेटवर्क और हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट जैसे बड़े कदम इस बदलाव की कहानी बता रहे हैं. इसी वजह से रेलवे से जुड़े कंपनियों के शेयर भी निवेशकों की नजर में आ गए हैं. इस सेक्टर में दो बड़े नाम हैं जुपिटर वैगन्स और टिटागढ़ रेल सिस्टम्स.
Jupiter Wagons vs Titagarh Rail Systems: भारत में रेलवे सेक्टर तेजी से बदल रहा है. सरकार का फोकस अब सिर्फ नई ट्रेनों पर नहीं, बल्कि पूरी रेल व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर है. वंदे भारत ट्रेन, मेट्रो नेटवर्क और हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट जैसे बड़े कदम इस बदलाव की कहानी बता रहे हैं. इसी वजह से रेलवे से जुड़े कंपनियों के शेयर भी निवेशकों की नजर में आ गए हैं. इस सेक्टर में दो बड़े नाम हैं जुपिटर वैगन्स और टिटागढ़ रेल सिस्टम्स. दोनों कंपनियां रेलवे वैगन, कोच और दूसरे जरूरी उपकरण बनाती हैं. दोनों के पास बड़े ऑर्डर हैं और ग्रोथ के अच्छे मौके भी हैं. लेकिन सवाल यह है कि रेलवे के इस बड़े विस्तार में कौन सी कंपनी आगे निकल रही है.
जुपिटर वैगन्स
जुपिटर वैगन्स की शुरुआत 1979 में हुई थी और इसका मुख्य काम रेलवे वैगन और उससे जुड़े पार्ट्स बनाना है. कंपनी ने अब अपने बिजनेस को बढ़ाकर कमर्शियल व्हीकल बॉडी, कंटेनर और इलेक्ट्रिक व्हीकल तक फैला दिया है. कंपनी का शेयर करीब 267 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. पिछले एक साल में शेयर में गिरावट आई है, लेकिन लिस्टिंग के बाद से इसने 400 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया है.
जुपिटर का ऑर्डर बुक करीब 5,041 करोड़ रुपये का है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में कंपनी के पास काम की कमी नहीं है. Q3 FY26 में कंपनी की इनकम 890 करोड़ रुपये रही और मुनाफा 62 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का मार्जिन भी मजबूत बना हुआ है.
टिटागढ़ रेल सिस्टम्स
टिटागढ़ रेल सिस्टम्स की शुरुआत 1997 में हुई थी. यह कंपनी वैगन के साथ-साथ पैसेंजर कोच, मेट्रो ट्रेन, ब्रिज और जहाज भी बनाती है. कंपनी का शेयर करीब 700 रुपये के आसपास है. पिछले एक साल में इसमें हल्की गिरावट रही है, लेकिन कंपनी का फोकस तेजी से बढ़ते पैसेंजर रेल सिस्टम पर है. टिटागढ़ का ऑर्डर बुक करीब 14,455 करोड़ रुपये का है, जो जुपिटर से काफी ज्यादा है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा पैसेंजर रेल सिस्टम का है. Q3 FY26 में कंपनी की इनकम 822 करोड़ रुपये रही और मुनाफा 55 करोड़ रुपये रहा. खास बात यह है कि कंपनी के पैसेंजर बिजनेस में तेजी से ग्रोथ दिख रही है.
रणनीति और भविष्य की योजना
जुपिटर वैगन्स नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. कंपनी वंदे भारत ट्रेन के लिए बैटरी सिस्टम और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन बना रही है. दूसरी तरफ टिटागढ़ ने अपने बिजनेस को और मजबूत करने के लिए शिपबिल्डिंग यूनिट अलग कर दी है और अब रेलवे पर ज्यादा फोकस कर रही है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
