गर्मी आते ही पावर शेयरों में दौड़ा करंट! Adani Power ऑल टाइम हाई पर, बाकी स्टॉक्स में भी जोरदार उछाल

पावर और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है. निवेशकों का मानना है कि आने वाले महीनों में बिजली की खपत और बढ़ेगी, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा होगा. खास बात यह रही कि कुछ शेयरों ने नया रिकॉर्ड भी बनाया. इस तेजी के पीछे सिर्फ मौसम ही नहीं बल्कि कई बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं, जैसे बढ़ती बिजली की जरूरत, गैस सप्लाई में दिक्कत और सरकार के कदम.

Power Stocks Image Credit: AI/Money9live

Power Sector: भारत में गर्मी की शुरुआत होते ही बिजली की मांग तेजी से बढ़ने लगी है और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर भी दिख रहा है. पावर और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है. निवेशकों का मानना है कि आने वाले महीनों में बिजली की खपत और बढ़ेगी, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा होगा. सोमवार को बाजार में कई पावर कंपनियों के शेयर तेजी के साथ ट्रेड करते नजर आए.

खास बात यह रही कि कुछ शेयरों ने नया रिकॉर्ड भी बनाया. इस तेजी के पीछे सिर्फ मौसम ही नहीं बल्कि कई बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं, जैसे बढ़ती बिजली की जरूरत, गैस सप्लाई में दिक्कत और सरकार के कदम. ऐसे में अब यह सेक्टर निवेशकों के लिए फिर से आकर्षण का केंद्र बन गया है.

पावर शेयरों में जोरदार तेजी

सोमवार को पावर सेक्टर के शेयरों में शानदार उछाल देखने को मिला. इसमें Adani Power, Reliance Power, JSW Energy, Tata Power, NTPC, Suzlon Energy और Siemens Energy India शामिल है.

  • Adani Power के शेयर करीब 5 प्रतिशत बढ़कर ₹184.4 के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए.
  • Reliance Power ने सबसे ज्यादा बढ़त दिखाई और करीब 8.64 प्रतिशत चढ़कर ₹27.39 तक पहुंच गया.
  • JSW Energy के शेयर भी करीब 5 प्रतिशत बढ़कर ₹511.60 पर पहुंचे.
  • Tata Power में 4.4 प्रतिशत की तेजी आई और यह ₹417 के स्तर तक पहुंच गया.
  • NTPC, Suzlon Energy, Siemens Energy India और SJVN जैसे शेयरों में भी हल्की से मध्यम तेजी देखने को मिली.

क्यों बढ़ रही है बिजली की मांग

भारत में मार्च से मई तक गर्मी का मौसम रहता है और इसी दौरान बिजली की खपत सबसे ज्यादा होती है. इस बार भी तेज गर्मी की उम्मीद की जा रही है, जिससे बिजली की मांग बढ़ रही है. इसके अलावा LPG की कमी के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक उपकरण जैसे इंडक्शन और अन्य मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण गैस और कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे बिजली की जरूरत और बढ़ गई है.

सरकार ने उठाए बड़े कदम

बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने भी तैयारी शुरू कर दी है. पावर मंत्रालय ने फैसला लिया है कि थर्मल पावर प्लांट्स के मेंटेनेंस को कुछ समय के लिए टाल दिया जाएगा ताकि ज्यादा बिजली प्रोडक्शन किया जा सके. सरकार ने करीब 10,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई है.

यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि LNG सप्लाई में रुकावट के कारण लगभग 8,000 मेगावाट प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है. इसके साथ ही कोयले से चलने वाले प्लांट्स को पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है और कोयले का पर्याप्त स्टॉक भी रखा जा रहा है ताकि बिजली की कमी न हो.

भारत की पावर क्षमता कितनी मजबूत है

सरकार के अनुसार भारत का बिजली सिस्टम काफी मजबूत और संतुलित है. देश की कुल बिजली प्रोडक्शन क्षमता 531 गीगावाट से ज्यादा हो चुकी है. आंकड़ों के मुताबिक FY26 में अब तक देश की ऊर्जा जरूरत लगभग पूरी हो चुकी है, यानी जितनी मांग है उतनी सप्लाई भी हो रही है. इससे यह साफ होता है कि देश बिजली के मामले में पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है.

क्या कह रहे हैं एनालिस्ट

Jefferies के एनालिस्ट के अनुसार मार्च 2026 में बिजली की मांग करीब 2 प्रतिशत बढ़ी है. हालांकि पूरे साल की ग्रोथ अभी धीमी रही है, लेकिन आने वाले समय में इसमें तेजी आ सकती है. FY27 में मांग करीब 6 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है. गर्मी के मौसम और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के कारण पावर सेक्टर में तेजी देखने को मिल रही है. सरकार के कदम और बढ़ती मांग इस सेक्टर को सपोर्ट कर रहे हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.