प्रमोटर्स ने इन 3 शेयरों में घटाई होल्डिंग! लिस्ट में Vishal Mega Mart, BHEL जैसी कंपनियां, रखें स्टॉक्स पर नजर

सिर्फ ये तीन स्टॉक्स ही नहीं, बल्कि हाल के महीनों में कई कंपनियों में प्रमोटर्स हिस्सेदारी घटा रहे हैं. Nifty 500 में कुल प्रमोटर हिस्सेदारी 2026 की शुरुआत में घटकर करीब 48–50 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. यह ट्रेंड मजबूत बाजार रैली के साथ देखा गया है.

प्रमोटर्स ने इन शेयर में घटाई हिस्सेदारी. Image Credit: Canva

शेयर बाजार में जब भी प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी घटाते हैं तो आमतौर पर स्टॉक पर शॉर्ट टर्म दबाव देखने को मिलता है. हालांकि कई बार संस्थागत निवेशकों की खरीदारी इस असर को संतुलित भी कर देती है. प्रमोटर हिस्सेदारी का मतलब कंपनी के फाउंडर्स, उनके परिवार या प्रमोटर ग्रुप के पास मौजूद शेयरों से होता है. भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों को हर तिमाही यह जानकारी देना जरूरी होता है. हालांकि, प्रमोटर हिस्सेदारी घटने का मतलब हमेशा नेगेटिव नहीं होता.

Vishal Mega Mart

इन स्टॉक्स में Vishal Mega Mart में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. कंपनी की प्रमोटर हिस्सेदारी एक तिमाही में 54 प्रतिशत से घटकर करीब 40.12 प्रतिशत रह गई. यह हाल के समय की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है. निवेशकों को यह देखना चाहिए कि यह बिक्री कंपनी के विस्तार प्लान से जुड़ी है या कोई स्ट्रैटेजिक फैसला है.

Home First Finance Company

Home First Finance Company में प्रमोटर हिस्सेदारी 12.35 प्रतिशत से घटकर 6.99 प्रतिशत रह गई. यह गिरावट मुख्य रूप से प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के एग्जिट के कारण मानी जा रही है. ग्रोथ स्टेज NBFC और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में इस तरह के एग्जिट आम बात होते हैं, इसलिए इसे जरूरी नहीं कि निगेटिव संकेत माना जाए.

Bharat Heavy Electricals Limited

सरकारी कंपनी Bharat Heavy Electricals Limited में सरकार की हिस्सेदारी 63.17 प्रतिशत से घटकर 58.17 प्रतिशत हो गई है. PSU कंपनियों में इस तरह की हिस्सेदारी में बदलाव आमतौर पर सरकार की डिसइन्वेस्टमेंट पॉलिसी या स्ट्रैटेजिक सेल के तहत होता है. इसलिए इसका मतलब प्राइवेट कंपनियों जैसा नहीं होता.

बाजार में बढ़ता ट्रेंड

सिर्फ ये तीन स्टॉक्स ही नहीं, बल्कि हाल के महीनों में कई कंपनियों में प्रमोटर्स हिस्सेदारी घटा रहे हैं. Nifty 500 में कुल प्रमोटर हिस्सेदारी 2026 की शुरुआत में घटकर करीब 48–50 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. यह ट्रेंड मजबूत बाजार रैली के साथ देखा गया है, जहां प्रमोटर्स ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक किया और संस्थागत निवेशकों (FII और DII) ने इन शेयरों को खरीदा.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.