10 साल में 10 गुना! LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो का नया रिकॉर्ड, AUM 55 लाख करोड़ पार; बैंकिंग-एनर्जी-टेक पर दांव

साल 2025 तक LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू 15 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गई है. यह पिछले 10 सालों में कंपनी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. पिछले एक दशक की बात करें तो LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. साल 2015 में यह पोर्टफोलियो करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का था.

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LIC’s Equity Portfolio: भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और देश की सबसे बड़ी मनी मैनेजर LIC ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखा दी है. अक्टूबर 2025 तक LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू 15 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गई है. यह पिछले 10 सालों में कंपनी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. पिछले एक दशक की बात करें तो LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. साल 2015 में यह पोर्टफोलियो करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का था. साल 2020 तक यह दोगुना होकर 3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. लेकिन असली तेजी साल 2020 के बाद देखने को मिली. सिर्फ पांच साल में LIC की इक्विटी पोर्टफोलियो 5 गुना बढ़ गई.

कुल AUM 55 लाख करोड़ से ज्यादा

LIC के कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 55 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. इसमें से बड़ी रकम लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड, सिक्योरिटीज और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगी है. लेकिन इक्विटी में हो रहा निवेश अब तेजी से बढ़ रहा है और कंपनी की रणनीति को मजबूत कर रहा है. LIC जिन 50 सबसे बड़े शेयरों में निवेश करती है, वे मिलकर लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये के हैं. यही पोर्टफोलियो LIC की इक्विटी होल्डिंग का 80 फीसदी हिस्सा बनाता है.

अडानी और PSU स्टॉक में बढ़ाई हिस्सेदारी

LIC ने हाल ही में अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी ACC लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा दी है. कंपनी ने 20 मई 2025 से 25 नवंबर 2025 के बीच ओपन मार्केट से ACC के 37,82,029 अतिरिक्त शेयर खरीदे. दूसरी तरफ, LIC ने NBCC (इंडिया) लिमिटेड में भी 30,24,672 नए शेयर खरीदे. खरीदारी के बाद बीमा कंपनी के पास अब 12,08,91,590 शेयर हो गए हैं.

इन टॉप सेक्टरों में LIC की पोजीशन बेहद मजबूत

बैंकिंग और फाइनेंस (BFSI): 29% हिस्सा

LIC का सबसे बड़ा दांव बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पर है. कुल पोर्टफोलियो का 29% हिस्सा इसी सेक्टर में निवेश किया गया है. इसकी कुल वैल्यू 3.66 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. यह दिखाता है कि LIC भारत में बढ़ते फॉर्मल क्रेडिट, डिजिटल फैसिलिटी और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती पर भरोसा कर रहा है.
तेल और गैस (Oil & Gas): 16% हिस्सा

दुनिया भले ही रिन्यूएब्ल एनर्जी की ओर बढ़ रही हो, लेकिन LIC अभी भी पारंपरिक ऊर्जा कंपनियों में बड़ा निवेश बनाए हुए है. इस सेक्टर में LIC का लगभग 16% हिस्सा लगा है. इसकी वैल्यू करीब 1.97 लाख करोड़ रुपये है. इसकी वजह हाई डिविडेंड, कम जोखिम और सरकारी कंपनियों की स्थिरता है.
IT और कंज्यूमर गुड्स: 14% हिस्सा

LIC अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखने के लिए तेजी से बढ़ते सेक्टरों पर भी दांव लगाता है. IT सेक्टर में 14% निवेश किया गया है, क्योंकि भारत की टेक कंपनियां निर्यात और विदेशी बिजनेस में तेजी से बढ़ रही हैं. कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में भी 14 फीसदी हिस्सा है, जो भारत की बढ़ती घरेलू खपत और खरीदारी की क्षमता पर LIC के भरोसे को दिखाता है.

अक्टूबर 2025 तक LIC की कुल इक्विटी होल्डिंग 15,68,745 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. बेहद तेज बढ़त, मजबूत सेक्टरल पोजीशन और जोखिम कम करने वाली रणनीति ने LIC को भारत के कैपिटल मार्केट का सबसे बड़ा और शक्तिशाली निवेशक बना दिया है. LIC की लंबी अवधि की सोच और विविध निवेश नीति आने वाले वर्षों में भी बाजार पर उसकी पकड़ मजबूत बनाए रख सकती है.

सोर्स: Groww, NdtvProfit

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