मेटल स्टॉक में सुनामी, NALCO, Vedanta और Hindustan Zinc में सबसे ज्यादा बिकवाली; जानें वजह
मेटल सेक्टर में लगातार तीसरे दिन बिकवाली देखने को मिली, जिससे NALCO, Vedanta, Hindustan Zinc, Hindalco Industries और अन्य मेटल शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई. London Metal Exchange (LME) पर बेस मेटल की कीमतों में कमजोरी, मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने सेक्टर पर दबाव बढ़ाया है.
Metal Stocks: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को मेटल सेक्टर के शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली. इस दौरान NIFTY Metal Index दिन के कारोबार में करीब 4.62 फीसदी तक टूट गया था. हालांकि, बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई और यह 1.37 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ. पिछले एक सप्ताह में इंडेक्स में 4.32 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा दबाव NALCO, Hindustan Zinc और Vedanta के शेयरों पर देखने को मिला. विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेस मेटल की कीमतों में आई गिरावट, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने इस सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया है.
क्यों टूट रहे हैं मेटल शेयर
अंतरराष्ट्रीय बाजार London Metal Exchange (LME) पर बेस मेटल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. इसकी प्रमुख वजह सप्लाई को लेकर चिंताओं का कम होना, अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद है. जब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है और उधार लेने की लागत भी बढ़ जाती है.
इससे कमोडिटी की मांग पर असर पड़ता है. चूंकि ज्यादातर मेटल की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए ये महंगी हो जाती हैं. इसका सीधा असर कीमतों और मेटल कंपनियों के कारोबार पर पड़ता है.
किन मेटल शेयरों में आई सबसे ज्यादा गिरावट
गुरुवार के कारोबार में NALCO सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा और इसमें 4.71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा Hindustan Zinc का शेयर 4.41 फीसदी और Vedanta का शेयर 3.22 फीसदी टूट गया. वहीं APL Apollo Tubes, Hindustan Copper और Hindalco Industries के शेयरों में भी 1 से 3 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. इनमें से कई शेयर Nifty 200 इंडेक्स के टॉप लूजर्स में शामिल रहे.
निवेशकों को क्या करना चाहिए
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मेटल सेक्टर पर वैश्विक संकेतों का दबाव बना हुआ है. जब तक LME पर बेस मेटल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक इस सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर लागत नियंत्रण वाली कंपनियां बेहतर विकल्प हो सकती हैं. हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहना चाहिए. नए निवेश से पहले वैश्विक कमोडिटी कीमतों, डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों के संकेतों पर नजर रखना जरूरी होगा. यदि वैश्विक बाजार में मेटल की कीमतों में सुधार आता है, तो इस सेक्टर के शेयरों में भी रिकवरी देखने को मिल सकती है.
यह भी पढ़ें: बिहार-यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी बरकरार, आखिर क्यों नहीं हो रही बारिश? IMD ने बताई वजह
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
बढ़त के साथ बाजार बंद, लेकिन ऊपरी स्तर से 703 अंक फिसला सेंसेक्स, ऑटो शेयरों ने संभाला मोर्चा
FPI के फेवरेट लिस्ट से बाहर हुए ऑयल एंड गैस और फाइनेंशियल स्टॉक, 15 दिनों में 63450 करोड़ रुपये की बिकवाली
इस शुक्रवार को नहीं खुलेगा शेयर बाजार, लेकिन यहां दोपहर बाद कर सकेंगे ट्रेडिंग
