Mock Trading: NSE शनिवार को आयोजित करेगा एक घंटे का ‘ट्रेडिंग सेशन’, यहां जानें पूरा शेड्यूल
NSE ने 29 अगस्त को बताया कि वह 30 अगस्त को शेयर बाजार में मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेगा. यह सेशन न केवल शेयर बाजार (कैपिटल मार्केट) में होगा, बल्कि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी होगा. यह सत्र ब्रोकर्स के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके सिस्टम ठीक काम कर रहे हैं. अगर कोई तकनीकी समस्या है, तो उसे असली ट्रेडिंग से पहले ठीक किया जा सकता है.
Mock trading session: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 29 अगस्त को बताया कि वह 30 अगस्त को शेयर बाजार में मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेगा. यह सेशन न केवल शेयर बाजार (कैपिटल मार्केट) में होगा, बल्कि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी होगा. NSE ने यह भी कहा कि इस मॉक ट्रेडिंग के दौरान कोई नया सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होगा.
NSE ने ब्रोकर्स को सलाह दी है कि वे अपने सॉफ्टवेयर को नए वर्जन NEAT+ 7.8.3 में अपडेट कर लें, क्योंकि पुराना वर्जन 7.8.2, 6 सितंबर 2025 के बाद बंद हो जाएगा. इस मॉक ट्रेडिंग में किए गए सौदों से कोई पैसा जमा या निकाला नहीं जाएगा. यह सिर्फ एक अभ्यास है, ताकि ब्रोकर्स अपने सिस्टम को जांच सकें.
30 अगस्त को मॉक ट्रेडिंग का समय इस प्रकार है:
- सुबह 9 बजे प्री-ओपन सेशन शुरू होगा.
- सुबह 9:15 बजे सामान्य बाजार शुरू होगा.
- सुबह 10:10 बजे बाजार बंद होगा.
- दोपहर 1:30 बजे से री-लॉगिन शुरू होगा और दोपहर 2 बजे तक चलेगा.
मॉक ट्रेडिंग सत्र आमतौर पर शनिवार को आयोजित किए जाते हैं. इसका मकसद ब्रोकर्स को अपने ट्रेडिंग सिस्टम, नए प्रोडक्ट्स या सॉफ्टवेयर को टेस्ट करने का मौका देना है. साथ ही, यह आपात स्थिति में सिस्टम की जांच करने में भी मदद करता है. इस दौरान दिखाई गई होल्डिंग्स या पोजीशन वैल्यू नकली ट्रेडिंग की कीमतों के आधार पर होती हैं, यानी असली नहीं होतीं.
ब्रोकर्स के लिए बहुत जरूरी है यह सत्र
यह सत्र ब्रोकर्स के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके सिस्टम ठीक काम कर रहे हैं. अगर कोई तकनीकी समस्या है, तो उसे असली ट्रेडिंग से पहले ठीक किया जा सकता है. यह एक तरह का रिहर्सल है, जिसमें कोई वास्तविक नुकसान नहीं होता. NSE का यह कदम निवेशकों और ब्रोकर्स के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय ट्रेडिंग अनुभव सुनिश्चित करने के लिए है. मॉक ट्रेडिंग से सिस्टम की कमियों को पहचाना जा सकता है और असली ट्रेडिंग के दौरान होने वाली गलतियों से बचा जा सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.