सेंसेक्स पर सवार हुए Bull तो कहां तक जाएगा इंडेक्स, सामने आया दिग्गज ब्रोकरेज का आउटलुक, युद्ध के बीच जान लें नए फैक्टर
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक अनुकूल आर्थिक हालात में BSE Sensex दिसंबर 2026 तक 95,000 तक पहुंच सकता है. बेहतर स्थिति में यह 1,07,000 तक जा सकता है, जबकि नकारात्मक हालात में 76,000 तक गिरने का जोखिम है. अनुमान तेल कीमतों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट कमाई पर निर्भर करेगा.
अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी युद्ध के चलते वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है. दुनिया भर के शेयर बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के बीच निवेशकों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि आने वाले महीनों में शेयर बाजार की दिशा क्या होगी. इसी बीच वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अपना ताजा आउटलुक जारी किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आर्थिक हालात अनुकूल रहते हैं तो BSE Sensex दिसंबर 2026 तक करीब 95,000 के स्तर तक पहुंच सकता है. 5 फरवरी को दोपहर 12:10 बजे सेंसेक्स 378 अंकों की तेजी के साथ 79,494 के स्तर से पर कारोबार कर रहा था. ब्रोकरेज के अनुसार, इस स्तर पर सेंसेक्स का ट्रेलिंग P/E मल्टीपल लगभग 23.5 गुना रहने का अनुमान है जो इसके पिछले 25 वर्षों के औसत 22 गुना से अधिक है. ऐतिहासिक औसत की तुलना में यह प्रीमियम इस बात को दर्शाता है कि निवेशकों का भारत की मध्यम अवधि की आर्थिक वृद्धि को लेकर भरोसा बढ़ा है.
Base Case (50% संभावना) में क्या अनुमान
बेस केस के अनुसार, दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 95,000 तक पहुंच सकता है. फिलहाल सेंसेक्स 79,494 पर ट्रेड कर रहा है. यह अनुमान इस आधार पर है कि भारत में मैक्रो आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी, राजकोषीय अनुशासन मजबूत होगा और निजी निवेश बढ़ेगा. घरेलू मांग मजबूत रहेगी और वैश्विक तेल कीमतें ज्यादा दबाव नहीं बनाएंगी. इसके अलावा ब्रोकरेज का मानना है कि सेंसेक्स कंपनियों की कमाई FY2025-FY2028 के दौरान औसतन करीब 17% सालाना की दर से बढ़ सकती है. बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी और रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी बाजार को सहारा दे सकती है.
Bull Case (30% संभावना)
ब्रोकरेज ने बुल केस में अनुमान लगाया है कि सेंसेक्स 1,07,000 तक पहुंच सकता है. यह स्थिति तब बन सकती है जब कच्चे तेल की कीमतें लगातार 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहें और वैश्विक आर्थिक हालात बेहतर हों. साथ ही वैश्विक व्यापार में तनाव कम हो और आर्थिक वृद्धि तेज हो. ऐसे माहौल में कॉरपोरेट कमाई में तेज उछाल आ सकता है और कंपनियों की आय 2025 से 2028 के बीच करीब 19% सालाना की दर से बढ़ सकती है.
Bear Case (20% संभावना)
बेयर केस में आशंका जताई गई है कि सेंसेक्स 76,000 तक गिर सकता है. यह स्थिति तब बन सकती है जब कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाएं और वैश्विक आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ जाए. अगर अमेरिका में मंदी आती है या भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ता है तो बाजार पर दबाव पड़ सकता है. ऐसे हालात में सेंसेक्स कंपनियों की कमाई FY2025-FY2028 के दौरान करीब 15% सालाना की दर से ही बढ़ पाएगी और बाजार वैल्यूएशन भी कम हो सकते हैं.
ब्रोकरेज का अनुमान
| Indicator | FY2026E | FY2027E | FY2028E |
|---|---|---|---|
| GDP Growth | 7.6% | 6.5% | 6.5% |
| Average CPI | 2.2% | 4.0% | 4.2% |
| Repo Rate (year end) | 5.25% | 5.25% | 5.75% |
| CAD % of GDP | -1.0% | -1.0% | -1.0% |
| Sensex EPS (MS top down) | 3353 | 3943 | 4711 |
| EPS growth YoY | 7.0% | 17.6% | 19.5% |
| Sensex PE | 23.9 | 20.3 | 17.0 |
| Sensex EPS (consensus) | 3425 | 3980 | 4572 |
| Broad Market Earnings Growth | 5% | 22% | 20% |
| Broad Market PE | 28.6 | 23.4 | 19.5 |
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
