Nifty Outlook June 19: चार्ट पर बनी बुल कैंडल, जानें- इमीडिएट सपोर्ट लेवल; शुक्रवार को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल?
Nifty Outlook June 19: गुरुवार को दोनों ही इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और लगातार दूसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रखा. शुक्रवार को बाजार का हाल कैसा रहेगा और निफ्टी का सपोर्ट लेवल क्या है, आइए एक्सपर्ट्स से जान लेते हैं.

Nifty Outlook June 19: गुरुवार 18 जून को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ. फाइनेंशियल और ऑटो शेयरों में तेज़ी और कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित सेक्टरों में मजबूती ने टेक्नोलॉजी शेयरों में आई कमजोरी की भरपाई कर दी. दोनों बेंचमार्क इंडेक्स- निफ्टी 50 और सेंसेक्स 0.40% से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए और लगातार दूसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रखा. शुक्रवार को बाजार का हाल कैसा रहेगा और निफ्टी का सपोर्ट लेवल क्या है, आइए एक्सपर्ट्स से जान लेते हैं.
चार्ट पर बुल कैंडल
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी ने आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है. गुरुवार को लगातार चौथे सेशन में मार्केट में एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में रहते हुए धीरे-धीरे बढ़त देखी गई और निफ्टी 82 अंक ऊपर बंद हुआ. पॉजिटिव शुरुआत के बाद, मार्केट में सेशन के ज्यादातर समय एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (जिग-जैग मूवमेंट) देखा गया. आखिर में नई तेजी आई और निफ्टी अपने उच्चतम स्तर (हाई) पर बंद हुआ.
डेली चार्ट पर एक ठीक-ठाक ‘बुल कैंडल’ बनी है, जो लगभग 24150 के अहम रेजिस्टेंस लेवल (26 मई के पिछले स्विंग हाई और 11 मई के ओपनिंग डाउन गैप का रेजिस्टेंस) को तोड़ने की कोशिश का संकेत देती है. यह एक पॉजिटिव संकेत है.
इमीडिएट सपोर्ट लेवल
निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है. 24,150 के लेवल को निर्णायक रूप से तोड़ने पर मार्केट में जबरदस्त खरीदारी हो सकती है और इससे निफ्टी जल्द ही 24400-24500 के लेवल तक जा सकता है. इमीडिएट सपोर्ट 24000 के लेवल पर है.
खरीदारी का मोमेंटम
HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदीश शाह आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि निफ्टी की रैली लगातार पांचवें सेशन में भी जारी रही, जिसमें 82 अंकों की बढ़त के साथ यह 24,168 पर बंद हुआ. दिन के दौरान कुछ मामूली गिरावट को छोड़कर, इंडेक्स ज्यादा समय मजबूत बना रहा, जो लगातार खरीदारी के मोमेंटम को दिखाता है. इंडेक्स में शामिल शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर, इंडिगो और अडानी एंटरप्राइजेज ने बढ़त की अगुवाई की, जबकि इंफोसिस, टाटा कंज्यूमर और टेक महिंद्रा सबसे पीछे रहे.
निफ्टी IT और मेटल को छोड़कर, सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए, जिसमें हेल्थकेयर, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी टॉप परफॉर्मिंग सेक्टर रहे. बेंचमार्क की मजबूती को देखते हुए, ब्रॉडर मार्केट में भी लगातार पांचवें सेशन में तेजी बनी रही. निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.40% की बढ़त हुई, जबकि BSE एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 1.34 के साथ मार्केट का रुख सकारात्मक रहा.
मजबूत हुआ रुपया
एशियाई देशों की मुद्राओं के मुकाबले रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा. कैपिटल इनफ्लो में तेजी और तेल की कीमतों में कमी के कारण यह 20 पैसे मजबूत होकर 94.33 पर बंद हुआ, जो 8 मई 2026 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.
पोजीशनल ट्रेंड में बदलाव के संकेत
टेक्निकल तौर पर, फरवरी 2026 में वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने के बाद पहली बार निफ्टी 24,153 के अहम 100 DEMA रेजिस्टेंस के ऊपर बंद हुआ है. यह पोजीशनल ट्रेंड में एक अहम बदलाव का संकेत है और तेजी के रुख को मजबूत करता है. इस ब्रेकआउट के बाद, अब निफ्टी के 24,462 के पास मौजूद 200 DEMA की ओर बढ़ने की उम्मीद है.
नीचे की तरफ, इमीडिएट सपोर्ट लेवल बढ़कर 24,000 के स्तर पर आ गया है. अगर इंडेक्स इस लेवल से ऊपर बना रहता है, तो इस लेवल की ओर कोई भी मामूली गिरावट खरीदारी को आकर्षित कर सकती है.
निवेशक क्यों अपना रहे सतर्क रुख?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करते हुए सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं. US-ईरान शांति समझौते को लेकर शुरुआती उत्साह पर US फेड के सख्त बयानों का असर पड़ा. ऊर्जा की कीमतों के कारण महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक साल की दूसरी छमाही में ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं. इस वजह से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं.
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड यील्ड में कमी से FY27 की दूसरी छमाही में महंगाई की चिंताएं कम हो सकती हैं, जबकि बाजार के लोग शांति समझौते पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं. मजबूत क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों और सेक्टर के आकर्षक वैल्यूएशन के कारण बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा.’
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