₹50 से घटाकर ₹20 किया टारगेट, Emkay ने इस ऑटो स्टॉक पर दी ‘SELL’ की सलाह; कमजोर Q3 ने किया निराश

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने इस ऑटो सेक्टर के शेयर पर रुख बदलते हुए BUY से SELL कर दिया है और टारगेट प्राइस 60 फीसदी घटाकर 20 रुपये तय किया है. कमजोर तिमाही नतीजे, गिरती बिक्री, बढ़ता घाटा और नकदी दबाव को देखते हुए शेयर में करीब 35 फीसदी से ज्यादा गिरावट की आशंका जताई गई है. जानें शेयरों का प्रदर्शन.

ओला इलेक्ट्रिक में आएगी गिरावट Image Credit: @AI

Ola Electric Emkay Rating Downgrade: ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने Ola Electric Mobility पर अपना रुख पूरी तरह बदलते हुए शेयर को BUY से डाउनग्रेड कर SELL कर दिया है. साथ ही कंपनी का टारगेट प्राइस भी करीब 60 फीसदी घटाकर 50 रुपये से 20 रुपये कर दिया गया है. मौजूदा कीमत के मुकाबले इसमें 35 फीसदी से ज्यादा की गिरावट यानी डाउनसाइड की आशंका जताई गई है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा स्थिति और वित्तीय दबाव उसके भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं.

कमजोर तिमाही ने बढ़ाई चिंता

कंपनी की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे उम्मीद से काफी कमजोर रहे. सालाना आधार पर कंपनी की आय में लगभग 55 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बिक्री वॉल्यूम करीब 61 फीसदी घटकर रह गया. जहां पहले तिमाही में 1.25 लाख यूनिट्स की बिक्री थी, वहीं Q3 में यह घटकर लगभग 32 हजार यूनिट्स रह गई. हालांकि औसत बिक्री कीमत (ASP) में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, लेकिन इससे कुल कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. कंपनी का बाजार हिस्सेदारी भी तेजी से घटा है और अब यह इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में करीब 6 फीसदी शेयर के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है.

मुनाफे की जगह बढ़ता घाटा

कंपनी का ग्रॉस मार्जिन कुछ बेहतर जरूर हुआ और तिमाही आधार पर बढ़कर लगभग 34 फीसदी के आसपास पहुंचा, जिसमें सरकारी PLI योजना का भी योगदान रहा. लेकिन ऑपरेटिंग स्तर पर नुकसान तेजी से बढ़ा. EBITDA मार्जिन घाटा Q2 में करीब -29 फीसदी था, जो Q3 में बढ़कर लगभग -58 फीसदी हो गया. यानी कंपनी की लागत नियंत्रण और बिक्री दोनों में दबाव साफ दिखाई दे रहा है.

नकदी की स्थिति भी बिगड़ी

ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की वित्तीय स्थिति भी कमजोर हुई है. पहले जहां कंपनी के पास नकद शेष था, वहीं अब यह नेट डेब्ट की स्थिति में पहुंच चुकी है. नौ महीने (9MFY26) के अंत तक कंपनी पर करीब 6.7 अरब रुपये का शुद्ध कर्ज हो चुका है, जबकि पहले यह नेट कैश पोजीशन में थी. विश्लेषकों का मानना है कि अगर कंपनी को इस कठिन दौर से निकलना है, तो उसके पास मजबूत नकदी होना बेहद जरूरी है. संभावित राहत केवल तब मिल सकती है जब कंपनी अपने बैटरी कारोबार में रणनीतिक हिस्सेदारी बेचकर बड़ी पूंजी जुटा सके.

शेयरों का कैसे रहा प्रदर्शन?

सोमवार, 16 फरवरी को भी कंपनी के शेयरों में गिरावट का दौर जारी रहा. कंपनी के शेयर 6.67 फीसदी की गिरावट के साथ 28.83 रुपये पर कारोबार करते हुए देखे गए. पिछले 1 महीने में स्टॉक का भाव 22 फीसदी तक टूटा है. वहीं, 6 महीने के दौरान शेयर में 33 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. साल भर के दौरान स्टॉक का भाव 53 फीसदी तक टूटा है. मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैप 13,629 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. स्टॉक अपने 52 वीक हाई स्तर (71.25 रुपये) से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है. 

सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम

कंपनी ने अपनी स्थिति सुधारने के लिए कई कदम उठाने की योजना बनाई है-

  • स्टोर नेटवर्क को घटाकर लगभग 700 आउटलेट तक सीमित किया जा रहा है
  • खर्च कम करने की कोशिश- तिमाही ऑपरेटिंग खर्च 4.3 अरब रुपये से घटाकर 2.5–3 अरब रुपये करने का लक्ष्य
  • सर्विस क्वालिटी सुधारने के प्रयास
  • नए Gen3 मॉडल और इन-हाउस बैटरी तकनीक पर फोकस
  • गीगाफैक्ट्री की अंतिम चरण की तैयारी

कंपनी का दावा है कि अब उसका ब्रेक-ईवन स्तर घटकर लगभग 15 हजार यूनिट प्रति माह रह गया है और मौजूदा ढांचे में प्रोडक्शन 3-4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है.

सर्विस और ब्रांड से जुड़ी समस्याएं

Ola Electric को पिछले कुछ समय से प्रोडक्ट क्वालिटी और सर्विस से जुड़े मुद्दों का सामना करना पड़ा है. कंपनी ने अब तक 10 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे हैं, लेकिन ग्राहकों की शिकायतों ने ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचाया है. हालांकि कंपनी का कहना है कि सर्विस बैकलॉग पहले के मुकाबले आधा हो गया है और ज्यादातर शिकायतें उसी दिन सुलझाई जा रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इंडस्ट्री खुद तेजी से बढ़ रहा है. हाल के महीनों में बाजार में सालाना आधार पर 24 फीसदी से 33 फीसदी तक की वृद्धि देखी गई है. लेकिन इस बढ़ते बाजार में Ola का प्रदर्शन कमजोर रहा है और प्रतिस्पर्धी कंपनियां जैसे Ather, TVS Motor और Bajaj Auto तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं.

बैटरी टेक्नोलॉजी पर दांव

कंपनी ने अपनी खुद की “Bharat” 4680 बैटरी सेल का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया है और अगले 12 महीनों में इन-हाउस बैटरी का उपयोग बढ़ाने की योजना है. मौजूदा क्षमता करीब 2.5 GWh है, जिसे मार्च 2026 तक 6 GWh तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.