Paytm, Pine Labs और MobiKwik के शेयरों में 7% तक की गिरावट, UPI MDR रोलआउट टलने की खबर से टूटे शेयर
खबर है कि NPCI, UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने के फैसले को फिलहाल के लिए टाल सकता है, क्योंकि कई संगठनों और मर्चेंट ने इसके लिए अनुरोध किया है. पीआई पेमेंट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है.
Highlights
- त्योहारी सीजन में UPI पर MDR लागू होने से ग्राहक सेंटीमेंट बिगड़ सकता है.
- NPCI अगले दो दिनों में इस पर कोई फैसला ले सकता है.
- फिनटेक और पेमेंट कंपनियों ने UPI MDR लागू करने की तारीख को बढ़ाने का अनुरोध किया.
गुरुवार 8 अक्टूबर को सुबह के कारोबार में पाइन लैब्स, वन मोबिक्विक सिस्टम्स और वन 97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में गिरावट आई. इस गिरावट की वजह मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर को लेकर आई एक जानकारी है. दरअसल, खबर है कि NPCI, UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने के फैसले को फिलहाल के लिए टाल सकता है, क्योंकि कई संगठनों और मर्चेंट ने इसके लिए अनुरोध किया है. व्यापारियों को चिंता है कि त्योहारी सीजन में UPI पर MDR लागू होने से ग्राहक सेंटीमेंट बिगड़ सकता है.
शेयरों में कितनी गिरावट?
सुबह 10:06 बजे NSE पर Pine Labs के शेयर 2.66 फीसदी गिरकर 172.95 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. One Mobikwik Systems के शेयर 6.67% गिरकर 239 रुपये पर आ गए, जबकि Paytm की पेरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर 5.29 फीसदी गिरकर 1,640.30 रुपये पर आ गए.
FinTech और पेमेंट कंपनियां
MDR लागू होने से PhonePe, Google Pay, Paytm जैसी कंपनियों और पेमेंट गेटवे को लेनदेन की प्रोसेसिंग से कमाई बढ़ेगी. बैंक या Fintech कंपनियों को इसका फायदा मिलेगा और उनका रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़ेगा. इसलिए इसे लागू किए जाने में देरी की खबर से यूपीआई पेमेंट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है.
कब से लागू करने के अनुरोध?
रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को मर्चेंट बॉडीज, फिनटेक और पेमेंट कंपनियों से UPI MDR लागू करने की तारीख को टालने के अनुरोध मिले हैं, जबकि 15 अक्टूबर को इसे लागू किया जाना है और इसमें अब एक हफ्ते से भी कम समय बचा है. कंपनियों का कहना है कि इसे जनवरी 2027 से लागू किया जाए.
जल्द फैसला ले सकता है NPCI
सूत्रों के मुताबिक, NPCI अगले दो दिनों में इस पर कोई फैसला ले सकता है, क्योंकि वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है. ये अनुरोध तब आए जब इंडस्ट्री ने कहा कि वह अलग-अलग MDR दरों, नीतियों और उनके लागू होने को लेकर कन्फ्यूजन की वजह से इसे लागू करने के लिए तैयार नहीं है.
ट्रांजैक्शन पर फीस
पिछले महीने, UPI स्टीयरिंग कमेटी ने 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए UPI MDR को 0.4 फीसदी या 40 bps तय किया था. MDR चार्ज 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होने वाले थे.
इस बीच, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के तौर पर ‘छोटी फीस’ लगाने से UPI ट्रांजैक्शन की संख्या पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है.
उन्होंने सेंट्रल बैंक के हेडक्वार्टर में पत्रकारों से कहा, ‘अभी तक, हमें ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई कमी नहीं दिख रही है और मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं लगता कि छोटी फीस का संख्या पर कोई बड़ा असर पड़ेगा.’
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