Fintech में Pine Labs का दांव! हुई करोड़ों की ऑल-कैश डील, खरीदी ‘Shopflo’, ₹200 से सस्ते शेयर पर टिकीं नजरें
Pine Labs ने 88 करोड़ रुपये में Shopflo का अधिग्रहण किया है, जिससे कंपनी अपनी डिजिटल पेमेंट और ई-कॉमर्स पकड़ मजबूत करेगी. गिरावट के बाद 200 रुपये से कम के इस स्टॉक पर अब निवेशकों की नजर टिक गई है.

भारतीय फिनटेक सेक्टर में हलचल तेज हो गई है. दिग्गज डिजिटल पेमेंट कंपनी पाइन लैब्स (Pine Labs) ने ऑनलाइन चेकआउट प्लेटफॉर्म ‘शॉपफ्लो’ (Shopflo) के अधिग्रहण का ऐलान कर दिया है. यह डील न केवल पाइन लैब्स के पोर्टफोलियो को मजबूत कर सकती है, बल्कि शेयर बाजार के उन निवेशकों के लिए भी एक बड़ा संकेत है जो ₹200 से कम कीमत वाले स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं.
करोड़ों की ऑल-कैश डील
पाइन लैब्स ने रेगुलेटरी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि वह शॉपफ्लो को ₹88 करोड़ में खरीदने जा रही है. यह पूरी तरह से एक ‘ऑल-कैश’ डील है, जिसे अगले तीन महीनों के भीतर दो किश्तों (tranches) में पूरा किया जाएगा. इस डील के जरिए पाइन लैब्स का मकसद ई-कॉमर्स मर्चेंट्स को सिर्फ पेमेंट की सुविधा देना नहीं, बल्कि उनके ‘चेकआउट अनुभव’ को बेहतर बनाकर सेल्स बढ़ाना है.
क्यों खास है शॉपफ्लो (Shopflo)?
शॉपफ्लो वर्तमान में 1,000 से अधिक ई-कॉमर्स मर्चेंट्स को अपनी सेवाएं दे रहा है. कंपनी का मुख्य काम ग्राहकों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान पेमेंट पेज यानी चेकआउट को इतना आसान बनाना है कि ट्रांजैक्शन फेल न हो और ग्राहक खरीदारी पूरी करे. पाइन लैब्स के साथ जुड़ने के बाद, अब मर्चेंट्स को पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और खरीदारी का अनुभव एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा.
कारोबार में जबरदस्त ग्रोथ
पाइन लैब्स के हालिया आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का पेमेंट बिजनेस तेजी से फैल रहा है. दिसंबर तिमाही में हॉस्पिटैलिटी, फिटनेस और डायग्नोस्टिक्स जैसे सेक्टरों में बढ़ी गतिविधि के चलते कंपनी के रेवेन्यू में 50 फीसदी की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है. शॉपफ्लो के साथ मिलने से अब कंपनी ऑनलाइन रिटेल मार्केट में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है.
गिरावट के बाद अब रिकवरी की तैयारी?
शेयर बाजार के लिहाज से देखें तो इस कंपनी की लिस्टिंग काफी धमाकेदार रही थी. लिस्टिंग के कुछ ही दिन में शेयर करीब 28 फीसदी तक उछला था. हालांकि, पिछले कुछ महीनों में वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर इस पर भी दिखा. नवंबर से अब तक शेयर में लगभग 19 फीसदी की गिरावट आ चुकी है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ₹200 के स्तर से नीचे ट्रेड कर रहे इस शेयर में हालिया अधिग्रहण और 50% की रेवेन्यू ग्रोथ एक बड़े ‘टर्नअराउंड’ का संकेत दे सकती है. कारोबार के विस्तार और नए अधिग्रहण को देखते हुए आने वाले वक्त में इस स्टॉक को रडार पर रखना फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.