इस कंपनी का रिकॉर्ड मुनाफा, प्रमोटर्स ने भी बढ़ाई होल्डिंग, यूरिया बिजनेस से मिला बूस्ट; रखें शेयरों पर नजर
आमतौर पर जब प्रमोटर या प्रमोटर समूह खुले बाजार से शेयर खरीदते हैं, तो इसे पॉजिटिव संकेत माना जाता है. इससे यह संदेश जाता है कि कंपनी के कारोबार को सबसे अच्छी तरह समझने वाले लोग मौजूदा वैल्यूएशन को आकर्षक मान रहे हैं और अपने पैसे से कंपनी पर भरोसा जता रहे हैं.
फर्टिलाइजर कंपनी Chambal Fertilisers and Chemicals Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगातार चौथे साल अपना अब तक का सबसे ज्यादा सालाना मुनाफा दर्ज किया है. मजबूत नतीजों के बीच कंपनी के प्रमोटर समूह ने भी ओपेन मार्केट से शेयर खरीदकर अपने भरोसे का संकेत दिया है. इसके बाद कंपनी की प्रमोटर ग्रुप CM Airtime Promotion LLP ने मई 2026 में दो अलग-अलग डील के जरिए खुले बाजार से शेयर खरीदे. इस डील के बाद कंपनी के शेयर निवेशकों के रडार पर आ गए हैं.
कितने शेयरों की हुई खरीदारी?
- 20 मई 2026 को इकाई ने 1,40,641 इक्विटी शेयर खरीदे, जिसके बाद उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 23,81,363 शेयर हो गई. इसके बाद 22 मई 2026 को 30,000 और शेयर खरीदे गए, जिससे कुल हिस्सेदारी बढ़कर 24,11,363 इक्विटी शेयर या 0.602 फीसदी हो गई. इन दोनों खरीद की जानकारी SEBI के SAST नियमों के तहत दी गई है.
- आमतौर पर जब प्रमोटर या प्रमोटर समूह खुले बाजार से शेयर खरीदते हैं, तो इसे पॉजिटिव संकेत माना जाता है. इससे यह संदेश जाता है कि कंपनी के कारोबार को सबसे अच्छी तरह समझने वाले लोग मौजूदा वैल्यूएशन को आकर्षक मान रहे हैं और अपने पैसे से कंपनी पर भरोसा जता रहे हैं.
- 31 मार्च 2026 तक कंपनी में कुल प्रमोटर हिस्सेदारी 61.25 फीसदी थी, जो मार्च 2025 के 60.40 फीसदी से बढ़ी है. यानी पिछले एक साल में प्रमोटरों ने धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.
FY26 में रिकॉर्ड मुनाफा
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 25 फीसदी बढ़कर 20,793.7 करोड़ रुपये रही. इस दौरान EBITDA 8 फीसदी बढ़कर 2,678.6 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं नेट प्रॉफिट 18 फीसदी बढ़कर 1,953.3 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी के इतिहास का सबसे ऊंचा स्तर है. कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) बढ़कर 48.76 रुपये रही. हालांकि EBITDA Margin FY25 के 14.92 फीसदी से घटकर FY26 में 12.88 फीसदी रह गया. इसकी मुख्य वजह खर्चों में तेज बढ़ोतरी रही. जहां आय 25 फीसदी बढ़ी, वहीं कुल खर्च 28 फीसदी बढ़ गया. मार्जिन में यह दबाव निवेशकों के लिए नजर रखने वाला पहलू हो सकता है, क्योंकि लंबे समय तक मार्जिन कमजोर रहने पर भविष्य की कमाई पर असर पड़ सकता है.
Urea Business ने दिया सहारा
चौथी तिमाही में EBITDA और मुनाफे में सुधार का बड़ा कारण Urea Business रहा. कंपनी की यूरिया बिक्री Q4 FY25 के 6.30 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर Q4 FY26 में 6.72 लाख मीट्रिक टन हो गई. ज्यादा बिक्री के चलते कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़त देखने को मिली.
कंपनी के बारे में
1985 में स्थापित Chambal Fertilisers and Chemicals Limited भारत की बड़ी निजी क्षेत्र की यूरिया निर्माता कंपनी है. राजस्थान के गडेपन स्थित इसके तीन प्लांट्स की कुल उत्पादन क्षमता 3.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है. कंपनी की घरेलू यूरिया बाजार में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी है. इसके पास 14 राज्यों में फैला 4,750 से ज्यादा डीलर्स और 93,000 से अधिक रिटेलर्स का मजबूत नेटवर्क है. यूरिया के अलावा कंपनी Complex Fertilisers, Crop Protection Chemicals, Specialty Nutrients और Seeds की बिक्री भी Uttam ब्रांड के तहत करती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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