RBI से राहत मिलते ही ब्रोकिंग शेयरों में तूफानी तेजी, MOFSL से लेकर Angel One और BSE तक चमके स्टॉक, एक दिन में 8% तक चढ़ें
आरबीआई की ओर से सख्त लिक्विडिटी नियमों को टालने से ब्रोकिंग शेयरों में तेज उछाल आया है. इससे मोतीलाल ओसवाल समेत एंजल वन समेत दूसरे स्टॉक्स 8% तक चढ़ गए हैं. इस फैसले से ब्रोकर्स को फिलहाल राहत मिली, जिससे उनकी लागत पर तत्काल दबाव टल गया और बाजार सेंटिमेंट बेहतर हुआ.
Brokerage Firm Stocks: शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. इसकी वजह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का बड़ा फैसला रहा, जिसमें उसने सख्त लिक्विडिटी नियमों को तीन महीने के लिए टाल दिया. इससे ब्रोकर्स और मार्जिन ट्रेडिंग से जुड़ी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है.
इन शेयरों में उछाल
राहत की खबर का असर तमाम शेयरों पर आज देखने को मिला. 1 अप्रैल को BSE Limited का शेयर करीब 7% उछलकर ₹2,874 पर पहुंच गया. वहीं Motilal Oswal Financial Services 8% चढ़कर ₹682.75 पर पहुंचा. Groww में 4% से ज्यादा की तेजी के साथ 156.48 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. वहीं Angel One में 6.5% की तेजी देखने को मिली, जिससे ये उछलकर 243.63 रुपये पर पहुंच गया.
क्या मिली राहत?
RBI ने अपने नए लिक्विडिटी नियमों को अब 1 जुलाई 2026 तक टाल दिया है. पहले ये नियम 1 अप्रैल से लागू होने वाले थे. इस फैसले से ब्रोकर्स को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि वे अभी 50% मार्जिन-समर्थित बैंक गारंटी का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे. दरअसल, RBI ने फरवरी में नियमों को सख्त करते हुए कहा था कि कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरी को मिलने वाला फंड पूरी तरह सिक्योर्ड यानी 100% कोलैटरल आधारित होना चाहिए. साथ ही मार्जिन ट्रेडिंग के लिए 50% कैश कोलैटरल अनिवार्य किया गया था और इक्विटी पर 40% तक का हेयरकट लगाया गया था. जानकारों का मानना है कि अगर ये नियम तुरंत लागू होते तो ब्रोकिंग कंपनियों की कमाई पर दबाव पड़ता.
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ब्रोकरेज फर्म का ये था अनुमान
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने पहले अनुमान लगाया था कि नए नियम लागू होने पर BSE लिमिटेड की कमाई में करीब 10% तक की गिरावट आ सकती है. इसकी वजह यह है कि प्रोप ट्रेडर्स के लिए ज्यादा कैश कोलैटरल रखना जरूरी होगा, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी. हालांकि, ताजा रिपोर्ट में जेफरीज ने कहा है कि भले ही कोलैटरल नियमों में सख्ती बरकरार है, लेकिन मार्केट मेकर्स को मिलने वाली फाइनेंसिंग में राहत दी गई है. अब बैंक गारंटी को एक साल तक रिन्यू किया जा सकता है, जिससे ब्रोकर्स और प्रोप ट्रेडर्स के लिए ट्रांजिशन आसान हो जाएगा. इस फैसले से बाजार में अचानक झटका नहीं लगेगा और धीरे-धीरे बदलाव लागू होंगे, जो BSE Limited के लिए पॉजिटिव साबित हो सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
