TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

रिलायंस ने फिर दिखाया दम! भारत का सबसे बड़ा ‘सामुराई लोन’ जुटाया, जानें क्या हैं इसके मायने

Reliance Industries ने वैश्विक वित्तीय बाजार में बड़ा रिकॉर्ड बनाते हुए भारत का सबसे बड़ा ‘सामुराई लोन’ जुटाया है. S&P से रेटिंग अपग्रेड मिलने के बाद कंपनी ने जापान और दक्षिण कोरिया से अरबों डॉलर की फाइनेंसिंग हासिल की है.

RIL Image Credit: AI Generated

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स से मिले अपग्रेड के बाद, रिलायंस ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में वैश्विक स्तर पर तीन बड़े और अनोखे फाइनेंसिंग सौदे पूरे किए हैं. इसमें एक भारतीय कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा ‘सामुराई लोन’ (Samurai Loan) भी शामिल है. बुधवार को कंपनी के शेयर 1350 रुपये पर बंद हुए थे, और इस बड़ी खबर के बाद आज बाजार में रिलायंस के शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है.

S&P ने बढ़ाई रेटिंग, कर्ज की लागत होगी कम

दिसंबर 2025 में S&P ने रिलायंस की अंतरराष्ट्रीय ऋण रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया था. यह रेटिंग भारत की सॉवरेन रेटिंग से भी दो पायदान ऊपर है. रेटिंग में इस सुधार की मुख्य वजह रिलायंस के कंज्यूमर बिजनेस (जियो और रिटेल) का बढ़ता योगदान और मजबूत मुनाफा है. इस अपग्रेड से कंपनी के लिए विदेशी बाजारों से सस्ता कर्ज जुटाना और आसान हो गया है. इसके अलावा, घरेलू एजेंसियां जैसे CRISIL, CARE और ICRA ने भी रिलायंस की AAA (स्टेबल) रेटिंग को बरकरार रखा है.

जुटाया भारत का सबसे बड़ा ‘सामुराई लोन’

कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने 10 जापानी और ताइवानी बैंकों के सहयोग से 91.9 अरब जापानी येन (लगभग 625 मिलियन डॉलर) का ‘सामुराई लोन’ जुटाया है. यह किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट द्वारा जुटाया गया सबसे बड़ा लोन है. इस रकम का इस्तेमाल पुराने विदेशी कर्ज को चुकाने में किया जाएगा.

यह लोन जापान के बाहर की कंपनियों को जापानी येन में दिया जाता है. इसके नियम बहुत कड़े होते हैं. अगर कोई कंपनी इसे जुटाने में कामयाब होती है, तो इसका मतलब है कि इंटरनेशनल मार्केट में उसकी साख और क्रेडिबिलिटी बेहद मजबूत है.

वैश्विक स्तर पर किए दो और अनोखे सौदे

रिलायंस ग्लोबल मार्केट में ऐसे लोन हासिल करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई है:

  • साउथ कोरिया से मदद: रिलायंस ने कोरियाई एक्सपोर्ट क्रेडिट एजेंसी (KSURE) के जरिए करीब 500 मिलियन डॉलर की ‘अनटाइड’ (बिना शर्त) फाइनेंसिंग हासिल की.
  • जापान से ग्रीन लोन: कंपनी ने जापानी एजेंसी NEXI से 600 मिलियन डॉलर की अनटाइड फैसिलिटी हासिल की है, जिसका इस्तेमाल रिलायंस के सोलर और बैटरी गीगाफैक्ट्री प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: Airtel के नए प्रीपेड प्लान से नेट न्यूट्रैलिटी पर फिर छिड़ी बहस, Vi ने नए कैंपेन से कसा तंज; क्या हो गई चूक?

मजबूत हुए मुनाफे और कर्ज के आंकड़े

वैश्विक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरकर 95 के करीब पहुंचने के बावजूद रिलायंस ने बहुत ही प्रतिस्पर्धी दरों पर यह फंड जुटाया है. इस दौरान कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत हुई है. रिलायंस का ‘इंटरेस्ट कवरेज रेशियो’ बढ़कर 8.83 और ‘रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड’ (ROCE) 14.6% से बढ़कर 20.7% हो गया है. 31 मार्च, 2026 तक रिलायंस पर कुल ग्रॉस कर्ज 3.74 लाख करोड़ रुपये और नेट कर्ज 1.25 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.