Reliance Infra की सब्सिडियरी को बड़ी राहत, 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज घटा, दिवालिया प्रक्रिया होगी खत्म

रिलायंस इंफ्रा की सब्सिडियरी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत मिली है. कंपनी ने कर्ज पुनर्गठन समझौते के बाद 1100 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज कम कर लिया है. इसके साथ ही कंपनी के खिलाफ चल रही दिवालिया प्रक्रिया वापस ली जाएगी. यह समझौता 2771.32 करोड़ रुपये का है.

रिलायंस इंफ्रा की सब्सिडियरी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत मिली है

Reliance Infrastructure: रिलायंस इंफ्रा की सब्सिडियरी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत मिली है. कंपनी ने अपना कर्ज 1100 करोड़ रुपये से अधिक घटा लिया है. इसके बाद कंपनी के खिलाफ चल रही दिवालिया प्रक्रिया वापस ली जाएगी. कंपनी ने नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के साथ कर्ज पुनर्गठन समझौता किया है. इस कदम से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. साथ ही मुंबई मेट्रो लाइन 1 के संचालन पर भी इसका पॉजिटिव असर पड़ेगा.

2771 करोड़ रुपये का हुआ कर्ज पुनर्गठन समझौता

रिलायंस इंफ्रा ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसकी सब्सिडियरी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड ने 9 जुलाई को नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के साथ कर्ज पुनर्गठन समझौता किया है. इस समझौते का कुल वैल्यू 2771.32 करोड़ रुपये है. इसका मकसद कंपनी के कर्ज का बोझ कम करना और वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना है.

1100 करोड़ रुपये से ज्यादा घटेगा कर्ज

कंपनी के अनुसार इस समझौते के बाद मुंबई मेट्रो वन का मौजूदा कर्ज 1100 करोड़ रुपये से अधिक कम हो जाएगा. इससे कंपनी की देनदारियां घटेंगी और भविष्य में वित्तीय दबाव कम होगा. कर्ज कम होने से कंपनी के संचालन और विकास योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी.

दिवालिया प्रक्रिया होगी समाप्त

रिलायंस इंफ्रा ने कहा कि कर्ज पुनर्गठन के बाद मुंबई मेट्रो वन के खिलाफ शुरू की गई दिवालिया प्रक्रिया वापस ले ली जाएगी. इससे कंपनी को कानूनी राहत मिलेगी और वह बिना किसी बाधा के अपने कारोबार पर पूरा ध्यान दे सकेगी. यह कदम कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

मुंबई मेट्रो लाइन 1 का ऑपरेशन रहेगा मजबूत

मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड वर्सोवा अंधेरी घाटकोपर मेट्रो लाइन 1 का ऑपरेशन और रखरखाव करती है. कंपनी का कहना है कि कर्ज पुनर्गठन के बाद वह यात्रियों को बेहतर और निर्बाध सेवा देने पर अधिक ध्यान दे सकेगी.

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किसके पास कितनी हिस्सेदारी

मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड रिलायंस इंफ्रा और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का ज्वाइंट वेंचर है. इसमें रिलायंस इंफ्रा की 74 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि शेष 26 फीसदी हिस्सेदारी मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के पास है. कंपनी का मानना है कि नए समझौते से संयुक्त उपक्रम की वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले अधिक मजबूत होगी.