NSE की सेल्फ लिस्टिंग पर फिर चर्चा तेज, SEBI बना सकता है कमेटी, BSE शेयर फिसला

SEBI एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग के नियमों पर विचार करने के लिए कमेटी बना सकता है. CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक कमेटी हितों के टकराव और गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों को देखेगी. मंजूरी मिलने पर ये नियम पहले से लिस्टेड एक्सचेंजों पर भी लागू हो सकते हैं. रिपोर्ट के बाद BSE के शेयर करीब 2 फीसदी गिरकर 3124.70 रुपये पर आ गए. NSE के अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की संभावना को लेकर भी चर्चा तेज है.

SEBI एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग पर विचार के लिए कमेटी बना सकता है.

Highlights

  • SEBI एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग पर विचार के लिए कमेटी बना सकता है.
  • सेल्फ लिस्टिंग की मंजूरी मिलने पर नियम पहले से लिस्टेड एक्सचेंजों पर भी लागू हो सकते हैं.
  • रिपोर्ट के बाद BSE के शेयर करीब 2 फीसदी गिरकर 3124.70 रुपये पर आ गए.

शेयर मार्केट में एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. SEBI इस मामले पर विचार करने के लिए एक कमेटी बना सकता है. यह कमेटी एक्सचेंजों को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने से जुड़े नियमों पर विचार करेगी. अगर सेल्फ लिस्टिंग को मंजूरी मिलती है तो ये नियम पहले से लिस्टेड एक्सचेंजों पर भी लागू हो सकते हैं. रिपोर्ट सामने आने के बाद BSE के शेयर करीब 2 फीसदी गिरकर 3124.70 रुपये पर आ गए. इस मामले की चर्चा इसलिए भी अहम है क्योंकि NSE हाल ही में BSE पर लिस्ट हुआ है.

SEBI बना सकता है कमेटी

CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग पर विचार करने के लिए एक कमेटी बना सकता है. कमेटी सेल्फ लिस्टिंग से जुड़े नियमों पर विचार करेगी. इसमें हितों के टकराव और गवर्नेंस स्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सचेंज की निगरानी की पहली जिम्मेदारी प्राइमरी एक्सचेंज के पास रहने की संभावना है. फिलहाल किसी एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की अनुमति नहीं है.

सेल्फ लिस्टिंग पर क्या है मौजूदा नियम

मौजूदा नियमों में किसी स्टॉक एक्सचेंज की सेल्फ लिस्टिंग का प्रावधान नहीं है. NSE एक मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन के तौर पर काम करता है. अगर NSE को अपने ही प्लेटफॉर्म पर शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति चाहिए तो इसके लिए SEBI की मंजूरी जरूरी होगी. SEBI ने साल 2015 में भी एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग पर विचार किया था. लेकिन हितों के टकराव की आशंका के कारण उस समय इस विचार को मंजूरी नहीं मिली थी.

NSE के चेयरमैन ने भी उठाया मुद्दा

NSE के चेयरमैन Srinivas Injeti ने शुक्रवार को कहा था कि SEBI को एक्सचेंजों को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने की अनुमति देने पर दोबारा विचार करना चाहिए. उनका यह बयान NSE के BSE पर लिस्ट होने के एक दिन बाद आया था. NSE की लिस्टिंग के बाद उसके अपने एक्सचेंज पर शेयरों की ट्रेडिंग को लेकर चर्चा तेज हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE अपने प्लेटफॉर्म पर परमिटेड टू ट्रेड कैटेगरी के जरिए ट्रेड कर सकता है. हालांकि इसके लिए SEBI की मंजूरी जरूरी होगी.

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BSE के शेयरों पर पड़ा असर

सेल्फ लिस्टिंग को लेकर रिपोर्ट सामने आने के बाद BSE के शेयरों में गिरावट देखी गई. BSE का शेयर करीब 2 फीसदी गिरकर 3124.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था. NSE के अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की संभावना का असर BSE के कारोबार पर पड़ सकता है.

विदेशों में सेल्फ लिस्टिंग की अनुमति

दुनिया के कई बड़े बाजारों में एक्सचेंजों को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की अनुमति है. अमेरिका में Intercontinental Exchange की लिस्टिंग New York Stock Exchange पर है. Intercontinental Exchange ही New York Stock Exchange को ऑपरेट करता है. भारत में अभी एक्सचेंजों की सेल्फ लिस्टिंग के लिए मौजूदा नियमों में प्रावधान नहीं है. अब SEBI की संभावित कमेटी इस मामले में नियमों, गवर्नेंस और हितों के टकराव जैसे मुद्दों पर विचार कर सकती है.