इन 5 कारणों से बाजार में भूचाल! Nifty 25900 के नीचे, निवेशकों के डूबे 7 लाख करोड़, जानिए क्यों मचा हड़कंप
Nifty 50 में Tata Consultancy Services, Hindalco Industries और JSW Steel जैसे शेयरों में 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. वहीं ETERNAL और Adani Ports and Special Economic Zone जैसे शेयरों में करीब 1 फीसदी तक की तेजी रही. मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रहा, जहां करीब 1479 शेयरों में तेजी, 1767 शेयरों में गिरावट और 171 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया.
गुरुवार को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच Sensex और Nifty में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद टैरिफ को लेकर बढ़ी चिंता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा. दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर Sensex 713.82 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 84247.32 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 251.10 अंक यानी 0.96 फीसदी टूटकर 25889.65 पर फिसल गया. इस गिरावट में निवेशकों के 7 लाख करोड़ डूब गए.
इन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर
Nifty 50 में Tata Consultancy Services, Hindalco Industries और JSW Steel जैसे शेयरों में 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. वहीं ETERNAL और Adani Ports and Special Economic Zone जैसे शेयरों में करीब 1 फीसदी तक की तेजी रही. मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रहा, जहां करीब 1479 शेयरों में तेजी, 1767 शेयरों में गिरावट और 171 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया.
बाजार गिरने के बड़े कारण
500 फीसदी टैरिफ का डर
रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका ने भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए हैं और और बढ़ाने की चेतावनी दी है. अगर यूएस में रूस प्रतिबंध विधेयक पारित हो जाता है तो भारत पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जा सकते हैं.
FII की लगातार बिकवाली
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1527.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. जनवरी में अब तक FIIs करीब 5760 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं. 2 जनवरी को थोड़ी खरीदारी के बाद फिर से लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है.
वीकली एक्सपायरी और टेक्निकल लेवल
गुरुवार Sensex डेरिवेटिव्स की साप्ताहिक एक्सपायरी का दिन है. ऐसे दिनों में पोजिशन अनवाइंडिंग और रोलओवर की वजह से वॉल्यूम और वोलैटिलिटी दोनों बढ़ जाती है. इसके अलावा निफ्टी अपने 20 DMA के सपोर्ट लाइन को तोड़ दिया है, जो टक्निकल लेवल पर बाजार पर दबाव बढ़ा रहा है.
ग्लोबल मार्केट का असर
एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली. जापान का Nikkei 225 और हांगकांग का Hang Seng लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे. वहीं अमेरिकी बाजार भी बुधवार को ज्यादातर कमजोरी के साथ बंद हुए.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी बढ़कर 60.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नेगेटिव मानी जाती हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है.
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