Shadowfax IPO: 9% डिस्‍काउंट पर लिस्‍ट हुए शेयर, पहले ही दिन निवेशकों को झटका, 1 लॉट पर हुआ ₹1368 का नुकसान

Shadowfax Technologies के शेयर 28 जनवरी को IPO प्राइस ₹124 के मुकाबले करीब 9% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन झटका लगा. इसका GMP भी कमजोर था, जिससे इसके डिस्‍काउंट पर लिस्‍ट होने की आशंका थी.

Shadowfax IPO Image Credit: Money9 Live

Shadowfax Technologies IPO: लॉजिस्टिक्स कंपनी Shadowfax Technologies के शेयरों ने बुधवार 28 जनवरी को शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की. कंपनी के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹124 के मुकाबले करीब 9% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए, जिससे IPO निवेशकों को पहले ही दिन झटका लगा. उन्‍हें नुकसान झेलना पड़ा.

NSE पर Shadowfax Technologies का शेयर ₹112.60 पर लिस्ट हुआ, जबकि BSE पर इसकी शुरुआत ₹113 के स्तर पर हुई. इस तरह लिस्टिंग के साथ ही IPO अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों को 9% से ज्यादा का घाटा हुआ.

कितना हुआ नुकसान?

Shadowfax का प्राइस बैंड ₹124 तय किया गया था, जबकि लॉट साइज 120 है. इसके लिए ₹14,880 का निवेश जरूरी था, चूंकि लिस्टिंग 112.60 रुपये पर हुई. ऐसे में एक लॉट पर निवेशकों को करीब ₹1,368 का नुकसान हुआ.

ग्रे मार्केट में थी सुस्‍ती

Shadowfax IPO की लिस्टिंग बाजार की उम्मीदों के अनुरूप ही रही. लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में Shadowfax IPO का GMP करीब माइनस ₹3.5 प्रति शेयर चल रहा था, जो कमजोर डेब्यू के संकेत दे रहा था.

कब खुला था आईपीओ?

कंपनी का IPO 20 जनवरी को खुला था और 22 जनवरी को बंद हुआ. यह एक बुक-बिल्ट इश्यू था, जिसका कुल साइज ₹1,907.27 करोड़ रहा. इसमें ₹1,000 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए, जबकि ₹907.27 करोड़ के शेयर मौजूदा निवेशकों ने ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे. IPO का इश्यू प्राइस ₹124 प्रति शेयर तय किया गया था. पब्लिक इश्यू से पहले कंपनी ने 19 जनवरी को एंकर निवेशकों से ₹856.02 करोड़ जुटाए थे.

कंपनी का प्‍लान

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Shadowfax अपनी लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने में करेगी. इसमें नए फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल डिलीवरी सेंटर खोलना, सॉर्टिंग फैसिलिटीज का विस्तार और लीज से जुड़े खर्च शामिल हैं. इसके अलावा कंपनी ब्रांडिंग, मार्केटिंग, संभावित अधिग्रहण और अन्य सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए भी फंड का इस्तेमाल करेगी.