शेयर मार्केट में आएगी तूफानी तेजी? JPMorgan ने Nifty को दिया ये नया टारगेट

जाने-माने ब्रोकरेज फर्म JPMorgan की हाल ही में सामने आई नई रिपोर्ट उन लोगों के लिए खुशखबरी लेकर आई है जो लोग शेयर मार्केट में निवेश करते हैं. इस ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी का 27 हजार का टारगेट रखा है, लेकिन अगर अर्थव्यवस्था दौड़ती है तो ये टारगेट 30 हजार को भी छू सकता है.

शेयर बाजार Image Credit: money9live

Highlights

  • ऑटो और पावर सेक्टर में मजबूती.
  • बरकरार है निफ्टी का टारगेट.
  • पहली तिमाही में बढ़ा कंपनियों का मुनाफा.

ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में Share Market को लेकर अनुमान जताया है जिससे बाजार में निवेश करने वालों का भरोसा बढ़ सकता है. जेपी मॉर्गन ने कंपनियों की बेहतर कमाई और देश में बढ़ती घरेलू मांग का हवाला देते हुए निफ्टी 50 के लिए बेस-केस टारगेट को 27,000 पर बरकरार रखा है. ब्रोकरेज को इस बात की उम्मीद है कि MSCI इंडिया की कमाई CY26 में 11 फीसदी और CY27 में 13 फीसदी बढ़ेगी.

इसी ग्रोथ को देखते हुए निफ्टी 50 का बुल केस टारगेट 30,000 तय किया गया है, आसान भाषा में इसका मतलब ये है कि अगर अर्थव्यवस्था दौड़ती रही और सबकुछ सकारात्मक रहा तो निफ्टी 30 हजार का स्तर छू सकता है. वहीं, दूसरी ओर अगर हालात बिगड़ते हैं जिसे बियर-केस कहा जाता है तो निफ्टी लुढ़कर 20,500 पर आ सकता है.

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 का कमाई सीजन उम्मीद से ज्यादा मजबूत तरीके से शुरू हुआ. MSCI इंडिया कंपनियों का रेवेन्यू पहली तिमाही में साल-दर-साल 19 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टैक्स के बाद प्रॉफिट 16 प्रतिशत बढ़ा है. रिपोर्ट के अनुसार, MSCI इंडिया की लगभग 58 प्रतिशत कंपनियों ने उम्मीद से ज्यादा आय दर्ज की, जबकि 24 प्रतिशत अनुमान से चूक गईं.

मिड और स्मॉल-कैप में आई मजबूती

जेपी मॉर्गन ने कहा कि ऊर्जा को छोड़कर, निफ्टी मिडकैप 100 कंपनियों के लिए टैक्स के बाद लाभ में साल-दर-साल 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 कंपनियों के लिए PAT (टैक्स के बाद का मुनाफा) में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

इन तीन सेक्टर्स में दिख रहा है दम

रिपोर्ट के अनुसार, शेयर मार्केट में आने वाले दिनों में कुछ सेक्टर्स लीड बन सकते हैं. कैपिटल एक्सपेंडिचर और बिजली की मांग में बढ़ोतरी के चलते पावर सेक्टर के शेयर्स में तेजी आने की उम्मीद है. देश में पहली तिमाही के दौरान बिजली की पीक डिमांड लगभग 271 गीगावॉट तक पहुंच गई थी. इसके अलावा अच्छे एक्सपोर्ट और ऑटो कंपनियों की सेल्स बढ़ने से कंपनियों को बढ़िया फायदा हो रहा है. डिफेंस सेक्टर में भी मजबूती देखने को मिल रही है.

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