मल्टीबैगर किंग, 33% CAGR का जादू… ऐसी थी Siddhartha Bhaiya की कहानी, 47 साल की उम्र में हुआ निधन
Siddhartha Bhaiya ऐसे निवेशक थे, जो बाजार की भीड़ के उलट फैसला लेते थे. जब ज्यादातर लोग तेजी देख रहे होते थे, तब वह जोखिम देखते थे. वह वैल्यू और ग्रोथ दोनों को समझकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर चुनते थे. सिद्धार्थ भैया का पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस फंड India Opportunities Fund फरवरी 2013 में शुरू हुआ था.
Siddhartha Bhaiya: शेयर बाजार में कुछ लोग शोर में चलते हैं और कुछ खामोशी में इतिहास बना देते हैं. मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सिद्धार्थ भैया ऐसे ही निवेशक थे. उन्होंने न तो टीवी पर रोज दिखने की कोशिश की और न ही भीड़ के पीछे भागे. उन्होंने उन शेयरों को चुना, जिन्हें बाजार उस समय नजरअंदाज कर रहा था. यही वजह है कि 10 लाख रुपये को उन्होंने 13 साल में करीब 4 करोड़ रुपये बना दिया. यह कोई किस्मत का खेल नहीं था, बल्कि धैर्य, सोच और अनुशासन का नतीजा था.
47 साल की उम्र में न्यूजीलैंड में छुट्टियां मनाते समय कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. उनकी मौत से निवेश जगत को बड़ा झटका लगा. लेकिन उनकी निवेश सोच, उनके फैसले और उनके बनाए रिटर्न आज भी लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे. सिद्धार्थ भैया को लोग एक कॉन्ट्रा इन्वेस्टर के तौर पर याद करेंगे, जो भीड़ से उलटा चलने की हिम्मत रखता था.
कॉन्ट्रा निवेशक थे सिद्धार्थ भैया
Siddhartha Bhaiya ऐसे निवेशक थे, जो बाजार की भीड़ के उलट फैसला लेते थे. जब ज्यादातर लोग तेजी देख रहे होते थे, तब वह जोखिम देखते थे. वह वैल्यू और ग्रोथ दोनों को समझकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर चुनते थे. सिद्धार्थ भैया का पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस फंड India Opportunities Fund फरवरी 2013 में शुरू हुआ था. इस फंड ने करीब 33 प्रतिशत की सालाना कंपाउंड ग्रोथ दी. इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक ने 13 साल पहले 10 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 4 करोड़ रुपये होती.
मल्टीबैगर शेयरों की पहचान
सिद्धार्थ भैया ने अपने करियर में कई जबरदस्त मल्टीबैगर शेयर पकड़े. Avanti Feeds में उन्होंने करीब 100 गुना रिटर्न कमाया. Apar Industries और Sanghvi Movers में 50 गुना तक का फायदा हुआ. JSL, HEG, Finolex Cables जैसे शेयर 20 गुना तक बढ़े. कई दूसरे शेयरों में उन्होंने 10 गुना से ज्यादा रिटर्न बनाया. नवंबर 2024 में, जब ज्यादातर निवेशक भारतीय बाजार को लेकर सकारात्मक थे, तब सिद्धार्थ भैया ने बड़ा फैसला लिया. उनकी फर्म Aequitas ने करीब 80 प्रतिशत पैसा कैश में रखा. उनका मानना था कि शेयर महंगे हो चुके हैं और आर्थिक ग्रोथ कमजोर है.
सोने में लगाया दांव
बाद में उन्होंने इस कैश को गोल्ड ईटीएफ में शिफ्ट किया. उनका यह फैसला सही साबित हुआ. नवंबर 2025 तक के एक साल में उनके फंड ने 36 प्रतिशत का रिटर्न दिया और वह सबसे आगे रहा. उनके पोर्टफोलियो में गोल्ड ईटीएफ का हिस्सा 81.5 प्रतिशत तक पहुंच गया. साथ ही सिल्वर ईटीएफ और कुछ चुनिंदा शेयर भी थे.
निवेश को लेकर साफ सोच
सिद्धार्थ भैया ने एक मंच से कहा था कि मौजूदा बाजार एक बड़ी बुलबुला जैसी स्थिति में है. उनका मानना था कि ऊंचे वैल्यूएशन पर निवेश करना समझदारी नहीं है. वह हमेशा ऐसे शेयर खोजते थे, जो अभी नजरअंदाज किए जा रहे हों, लेकिन जिनमें आगे बड़ा बदलाव आने की संभावना हो.
धैर्य ही उनकी ताकत थी
वह किसी शेयर को औसतन करीब तीन साल तक होल्ड करते थे. उनका मानना था कि असली दौलत समय के साथ बनती है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका फोकस हमेशा प्रक्रिया पर रहा, न कि सिर्फ रिटर्न पर. आज वह भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी निवेश सोच हमेशा जिंदा रहेगी.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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