शेयर बाजार को मिले पॉजिटिव संकेत, GIFT Nifty में तेजी; कच्चा तेल भी चढ़ा, IT शेयरों पर रहेगी नजर
GIFT Nifty में तेजी से बाजार के हरे निशान में खुलने के संकेत, जबकि Nifty 50 साप्ताहिक बढ़त की ओर है. ग्लोबल बाजारों में मजबूती दिखाई दे रही, लेकिन ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सीजफायर अनिश्चितता से सतर्कता बनी हुई है.

Gift Nifty to global market outlook: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार सतर्क मूड में नजर आ सकता है. Nifty 50 करीब दो महीने बाद अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है, हालांकि गुरुवार को आई हल्की गिरावट के बावजूद निचले स्तरों पर इसे मजबूत सपोर्ट मिला है. निवेशक अब वीकेंड से पहले पोजिशन हल्की रखने के मूड में हैं, क्योंकि अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
तकनीकी स्तर अहम
GIFT Nifty करीब 80 अंकों की बढ़त के साथ 23940.50 पर ट्रेड कर रहा है, जो निफ्टी फ्यूचर्स के गुरुवार के बंद स्तर करीब 23,835 से ज्यादा है. इससे संकेत मिल रहा है कि भारतीय बाजार हरे निशान में शुरुआत कर सकता है.
ग्लोबल बाजारों का हाल
अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली.
Dow Jones Industrial Average 2.85% उछला
S&P 500 2.51% चढ़ा
Nasdaq Composite 2.80% ऊपर गया
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
Nikkei 225 में 1.65% तेजी
कोरिया का Kospi 1.68% चढ़ा
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.51% गिरा
IT सेक्टर पर रहेगा फोकस
आज बाजार की नजर खासतौर पर IT सेक्टर पर रहेगी. TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नतीजों के बाद Infosys और Wipro के शेयरों पर असर देखने को मिल सकता है. हालांकि अमेरिका में लिस्टेड IT कंपनियों के शेयरों में खास प्रतिक्रिया नहीं दिखी, जिससे संकेत मिलते हैं कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं.
Wipro का बायबैक
Wipro के बायबैक की खबर भी निवेशकों के लिए अहम रहेगी. वहीं अमेरिकी बाजार में SaaS कंपनियों में आई गिरावट IT सेक्टर के लिए दबाव का कारण बन सकती है.
तेल कीमतों में फिर उछाल
Brent Crude करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI Crude Oil 98 डॉलर के ऊपर पहुंच गया. सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर हमलों के चलते सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे तेल को सपोर्ट मिला है.
निवेशकों के लिए रणनीति
सीजफायर को लेकर अनिश्चितता, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल संकेतों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे में विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी बरतने और सीमित पोजिशन रखने की सलाह दे रहे हैं.