पानी से बिजली बनाने वाली इन 2 कंपनियों पर रखें नजर, मजबूत है ग्रोथ प्लान, 5 साल में 220% तक उछले शेयर
भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण औद्योगिक विकास, शहरीकरण और बढ़ता बिजली उपयोग है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने में हाइड्रो पावर अहम भूमिका निभा रहा है. हालांकि चुनौतियों के बावजूद, यह सेक्टर स्थिर और लॉन्ग टर्म में मजबूत संभावनाएं प्रदान करता है.
Hydro Power Stocks: भारत में बिजली की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है. इसके पीछे औद्योगिक विस्तार, तेजी से हो रहा शहरीकरण, एयर कंडीशनर का बढ़ता उपयोग और विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे बड़े कारण हैं. ऐसे में हाइड्रो पावर सेक्टर की अहमियत और बढ़ गई है, क्योंकि यह पीक डिमांड के समय बिजली की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हालांकि, इस सेक्टर में लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट, मानसून पर निर्भरता और अन्य चुनौतियां भी मौजूद हैं. फिर भी, यह सेक्टर लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न देने की क्षमता रखता है. इस रिपोर्ट में NHPC और SJVN के बारे में बताया गया है.
NHPC Limited
देश की सबसे बड़ी हाइड्रोपावर कंपनी एनएचपीसी अब अपने विस्तार के बड़े चरण में प्रवेश कर चुकी है. कंपनी न केवल हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में बल्कि सोलर और विंड एनर्जी में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है. 1 अप्रैल 2026 तक कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 9,082.90 मेगावाट पहुंच चुकी है, जिसमें हाइड्रो प्रोजेक्ट्स का बड़ा हिस्सा है. एनएचपीसी देश की कुल हाइड्रो क्षमता में लगभग 16.65% योगदान देती है.
सरकार ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में 1,720 मेगावाट के कमला हाइड्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जिसकी लागत लगभग 260 अरब रुपये है. इसके अलावा, कंपनी ने देश की सबसे बड़ी 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर हाइड्रो परियोजना की एक और यूनिट चालू की है. इन बड़े प्रोजेक्ट्स की वजह से आने वाले वर्षों में कंपनी की क्षमता और राजस्व में मजबूत बढ़ोतरी की उम्मीद है. हाल ही में शेयरों में भी हल्की तेजी देखने को मिली है. बीते एक महीने में स्टॉक 2.33% चढ़े हैं, वहीं पांच साल में इसमें 220% तक की तेजी आई है.
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SJVN Limited
SJVN, जो कि सरकार की एक नवरत्न कंपनी है, ने भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार किया है. कंपनी ने 4,196 मेगावाट से अधिक की क्षमता वाले कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं और अब देश के कई राज्यों के साथ-साथ नेपाल में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.
कंपनी का प्रमुख प्रोजेक्ट नाथपा झाकड़ी हाइड्रो स्टेशन (1,500 मेगावाट) हाल ही में अपने इतिहास का दूसरा सबसे अधिक उत्पादन दर्ज करने में सफल रहा. मार्च 2026 में इसने कुल 150 अरब यूनिट बिजली उत्पादन का आंकड़ा भी पार कर लिया.
SJVN के पास हाइड्रो और सोलर प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन है, जिससे अगले 2-3 वर्षों में इसकी क्षमता में अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना है. यही वजह है कि हाल के दिनों में इसके शेयरों में भी तेजी देखी गई है. बीते एक हफ्ते में इसमें 5% से अधिक की तेजी आई है. वहीं पांच साल में 181% तक रिटर्न दिया है.
भारत में बढ़ती बिजली मांग के बीच हाइड्रो पावर सेक्टर की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जा रही है. हालांकि इस सेक्टर में कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन एनएचपीसी और एसजेवीएन जैसी कंपनियां अपने विस्तार और मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन के दम पर लंबी अवधि में निवेशकों को स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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